’50 ग्राम पाउडर डाल देंगे, जिंदगी बर्बाद…’, CJP प्रोटेस्ट में शामिल छात्रों को धमकाने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड
मुंबई में पुलिसकर्मी का सीजेपी प्रोटेस्ट में शामिल छात्रों को धमकाते वीडियो हुआ वायरल
Police Threaten Fake Drugs Case: इन दिनों देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. दिल्ली से शुरु हुआ यह आंदोलन मुंबई तक पहुंच गया है. लेकिन मुंबई से प्रदर्शन के दौरान एक ऐसी घटना सामने आई, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसने नया विवाद खड़ा कर दिया. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि पुलिसकर्मी छात्रों को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहा है. फिलहाल, इस घटना ने पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार, मुंबई में पिछले कुछ दिनों से शिवाजी पार्क, चेंबर और आजाद मैदान जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में छात्र और नागरिक प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान पुलिसकर्मी ने कुछ छात्रों को हिरासत में ले लिया और अपनी गाड़ी में बिठा लिया. इस दौरान पुलिसकर्मी ने छात्रों को धमकी देते हुए कहा, अगर तुम लोग यहां दोबारा दिखे, तो मैं तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर दूंगा. तुम्हारे बैग में 50-50 ग्राम पाउडर डाल दूंगा और तुम्हारी जिंदगी खत्म हो जाएगी.
एक वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि @MumbaiPolice प्रदर्शन कर रहे छात्रों को धमका रही है कि अगर वे दोबारा प्रदर्शन करने लौटे, तो उन्हें झूठे ड्रग्स के मामले में फँसा दिया जाएगा और पूरी ज़िंदगी जेल में सड़ना पड़ेगा।
— Mumbai Congress (@INCMumbai) July 23, 2026
अगर यह सच है, तो यह सिर्फ़ छात्रों को डराने की कोशिश नहीं,… pic.twitter.com/36KescEmro
वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल
पुलिसकर्मी की धमकी का छात्र ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. जब से यह वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया है. बवाल मचा हुआ है. हालांकि, मुंबई पुलिस ने इस विवाद के बाद वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही जांच के आदेश दिए हैं.
ये भी पढ़ेंः सरकार से बातचीत नहीं करेंगे CJP नेता! जंतर मंतर पर हुई लाठीचार्ज से नाराजगी
मुंबई कांग्रेस ने शेयर किया वीडियो
मुंबई कांग्रेस ने भी वायरल वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि मुंबई पुलिस प्रदर्शन कर रहे छात्रों को धमका रही है कि अगर वे दोबारा प्रदर्शन करने लौटे, तो उन्हें झूठे ड्रग्स के मामले में फंसा दिया जाएगा और पूरी जिंदगी जेल में सड़ना पड़ेगा. अगर यह सच है, तो यह सिर्फ छात्रों को डराने की कोशिश नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है. अपनी आवाज उठाना अपराध नहीं है. छात्रों के सवालों का जवाब धमकियों से नहीं, जवाबदेही से दिया जाना चाहिए.”