नीदरलैंड में भी ‘झालमुड़ी का जलवा’, पीएम मोदी ने बंगाल-असम की जीत का जिक्र करते हुए कही बड़ी बात
पीएम नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी इस समय पांच देशों की यात्रा पर हैं. वे यूएई से होते हुए नीदरलैंड पहुंचे जहां उन्होंने अपने संबोधन में बंगाल और असम जीत का जिक्र करते हुए बड़ी बात बोली. यहां उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बंगाल की मशहूर झालमुड़ी का जिक्र कर दिया. प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए अंदाज में पूछा कि ‘क्या झालमुड़ी नीदरलैंड भी पहुंच गई है?’ प्रधानमंत्री के इस सवाल पर नीदरलैंड में मौजूद भारतीय लोग ठहाके मारकर हंसने लगे.
यहां आकर घर जैसा महसूस होता है-पीएम मोदी
नीदरलैंड में भारतीय लोगों को जब प्रधानमंत्री संबोधित कर रहे थे तब उन्होंने कहा कि उन्हें यहां आकर घर जैसा महसूस होता है. उन्होंने भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र और भारतीय समुदाय के योगदान की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में भारतीय जाएं, वहां भारत की खुशबू अपने साथ ले जाते हैं. हेग सिटी में खुद के स्वागत से प्रसन्न होकर पीएम मोदी ने कहा कि इतना प्यार और उत्साह…सच कहूं तो कुछ देर के लिए मैं भूल ही गया था कि मैं नीदरलैंड में हूं. ऐसे लग रहा है कि जैसे भारत में ही कहीं कोई फेस्टिवल चल रहा है.
मानवता का इतिहास साक्षी है कि समय के साथ अनेक संस्कृतियां मिट गईं।
— BJP (@BJP4India) May 16, 2026
लेकिन भारत का diverse culture, आज भी अपने लोगों के दिलों में धड़कता है।
पीढ़ियां बदल गई, देश बदल गए, परिवेश बदल गए… लेकिन परिवार के संस्कार नहीं बदले हैं, अपनापन नहीं बदला। क्योंकि आपने अपने पुरखों की भाषा को… pic.twitter.com/roJnBpxcvW
असम और बंगाल की जीत का जिक्र
पीएम मोदी ने असम और बंगाल की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार के चुनाव में लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. महिला वोरर्स ने भी इस चुनाव में अपनी अहम भूमिका निभाई है. आज से 12 वर्ष पहले 16 मई 2014 को कुछ खास हुआ था. 2014 में आज के ही दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे.दशकों बाद भारत में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार का बनना पक्का हुआ था.
आज का युवा आसमान छूना चाहता है-पीएम मोदी
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज का युवा आसमान छूना चाहता है.आज देश कह रहा है- हमें सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं चाहिए, हमें बेस्ट चाहिए, हमें फास्टेस्ट चाहिए इसलिए जब भारत में Aspirations Unlimited हैं, तो मेहनत की भी कोई सीमा नहीं है. आज भारत अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है. हाल ही आप लोगों ने देखा होगा कि दुनिया की सबसे बड़ी ऐआई समिट का आयोजन भारत ने की. इससे पहले जी20 का भी आयोजन किया गया था.
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