सूरत में रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का सैलाब, बेकाबू हालात के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, 3 किमी लंबी लाइन लगी

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों की छुट्टी शुरू हो गई हैं. इसके लिए 6 समर ट्रेन भी चलाई गई हैं. रविवार को बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन पहुंचे थे. उन्हें लाइन में लगकर आने के लिए कहा गया था. लेकिन जल्दबाजी के कारण यात्री बैरिकेडिंग हटाकर आगे आने लगे. ऐसे में स्थिति ना बिगड़े इसके लिए पुलिस और आरपीएफ को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.
A three kilometre long queue of passengers was formed outside Udhan railway station in Surat.

सूरत के उधन रेलवे स्टेशन के बाहर यात्रियों की तीन किलोमीटर लंबी लाइन लगी.

Surat Udhna Railway Station: सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को अचानक यात्रियों के सैलाब उमड़ने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्टेशन के बाहर 3 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई. गर्मियों की छुट्टी और फैक्ट्री बंद होने के कारण प्रवासी मजदूर अपने घर को लौट रहे हैं. जिसके कारण स्टेशन के बाहर 3 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई. जब लोग बैरिकेडिंग तोड़कर आग बड़ने लगे तो हालात बेकाबू हो गए. जिसके बाद पुलिस और आरपीएफ को लाठीचार्ज करना पड़ा.

एक साथ पहुंचे 7 हजार से ज्यादा लोग

रविवार को यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों के लिए उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का हुजूम इकट्ठा हो गया. बताया जा रहा है कि सुबह 11 बजे के आसपास एक ही समय में एक साथ 7 हजार से ज्यादा लोग स्टेशन के पास इकट्ठा हो गए. जबकि ट्रेनें सिर्फ दो थीं. स्टेशन के बाहर बैरिकेडिंग लगाई गई, लेकिन लोग बैरिकेडिंग फांदकर आगे बढ़ने लगे, जिसके कारण भगदड़ जैसी स्थिति को रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करके भीड़ि को खदेड़ना पड़ गया.

रेल अधिकारियों के मुताबिक दोपहर तक कुल 21 हजार यात्री स्टेशन से सफर के लिए आ चुके थे. जो लगभग 6 ट्रेनों में सवार होकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए.

मिडिल ईस्ट के युद्ध का भारत की इंडस्ट्री पर असर

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का भारत की इंडस्ट्री पर भी असर दिखना शुरू हो गया है. सूरत में टेक्सटाइल की बड़ी इंडस्ट्री है. लेकिन खाड़ी में ईरान और अमेरिका-इजराइल के युद्ध के कारण गैस की किल्लत हो गई है. जिसका असर सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर पड़ा है. कई फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं. बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने में 30 परसेंट से ज्यादा मजदूर पलायन कर चुके हैं. ये संख्या लगभग 3 लाख के आसपास है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर युद्ध ऐसे ही चलता रहा तो इसका असर आने वाले दिनों में और भी ज्यादा पड़ेगा.

‘स्थिति नियंत्रण करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा’

वहीं रेलवे अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों की छुट्टी शुरू हो गई हैं. इसके लिए 6 समर ट्रेन भी चलाई गई हैं. रविवार को बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन पहुंचे थे. उन्हें लाइन में लगकर आने के लिए कहा गया था. लेकिन जल्दबाजी के कारण यात्री बैरिकेडिंग हटाकर आगे आने लगे. ऐसे में स्थिति ना बिगड़े इसके लिए पुलिस और आरपीएफ को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.

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