शुभेंदु, अधीर से लेकर हुमायूं तक की किस्मत का होगा फैसला, बंगाल चुनाव के पहले चरण में इन हॉट सीटों पर कड़ी टक्कर
पश्चिम बंगाल चुनाव
West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा. पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान कराया जाएगा. मौजूदा सरकार अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए चुनाव लड़ रही है, तो वहीं बीजेपी ममता सरकार को हटाने की बात कर रही है. हालांकि इन सब से इतर चुनाव काफी रोचक होने वाला है. ऐसा इसलिए क्योंकि पहले चरण के मतदान में कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर लगी है.
बंगाल में पहले चरण के चुनाव में सबकी निगाहें उत्तरी क्षेत्र की 76 विधानसभा सीटों पर रहने वाली हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इन सीटों पर बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. इनमें उत्तर दिनाजपुर, अलीपुर द्वार, दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग, मुर्शिदाबाद, मालदा, न्यू जलपाईगुड़ी सहित कई सीटें खास हैं.
उत्तरी बंगाल में बीजेपी की स्थिति मजबूत
पश्चिम बंगाल के उत्तरी क्षेत्र में बीजेपी को लेकर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यहां वह काफी मजबूत स्थिति में है. लेकिन, कई मामले ऐसे हैं जिनको लेकर सरकार और विपक्ष दोनों ने ही जनता तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. इनमें सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण और एसआईआर है.
इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों के नाम काटे गए हैं. यही वजह है कि जमीन पर भी इसका विरोध देखने को मिल रहा है. जिनके नाम काटे गए हैं उनका विरोध भी चुनाव में देखने को मिल सकता है. हालांकि जानकारों का मानना है कि यहां कड़ी टक्कर है. यही वजह है कि चुनावों के परिणामों में ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिलेगा.
पहले चरण में इन सीटों पर रहेगी सबकी नजर
- पहले चरण में जंगलमहल, उत्तर बंगाल और मुर्शिदाबाद-मालदा जैसे इलाके शामिल हैं. यहां वोट देने वालों में शहरी मतदाता के अलावा आदिवासी समुदाय और चाय बागान के मजदूरों के साथ साथ मुस्लिम आबादी बहुल इलाके के लोग भी शामिल हैं.
- पहले चरण में सबसे हाई प्रोफाइल सीट नंदीग्राम मानी जा रही है. इस सीट पर बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी और टीएमसी के पबित्र कर के बीच मुकाबला है.
- खड़कपुर सदर सीट भी हाई प्रोफाइल सीट है. यहां से बीजेपी के दिलीप घोष चुनाव लड़ रहे हैं. उनका मुकाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से है. ‘
- आसनसोल दक्षिण सीट से बीजेपी अग्गमित्रा पाल और टीएमसी तापस बनर्जी के बीच मुकाबला है.
- कांग्रेस के सीनियर लीडर अधीर रंजन चौधरी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. वे बहरामपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. जहां उनका मुकाबला बीजेपी के सुभ्रत माईत्रा से है.
- मायाभांगा सीट की बात की जाए तो यहां से केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणित बीजेपी के टिकट हैं. उनका मुकाबला टीएमसी के साब्लु बर्मन से है.
- राजगंज और मालदा सीट पर भी मुकाबला कांटे का हैं. रायगंज से टीएमसी के कृष्णा कल्याण और बीजेपी के कौशिक चौधरी में मुकाबला है. वहीं मालदा में tmc की लिपिका बर्मन घोष और बीजेपी के गोपाल चंद्र साहा के बीच टक्कर है.
- डोमकल सीट पर पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर अपनी नई पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं. इस बार इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि कबीर के साथ-साथ यहां सीपीआईएम और बीजेपी के बीच टक्कर देखने को मिल रही है.
सरकार बनाने के लिए चाहिए 148 सीट
पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होगी. टीएमसी की तरफ से पूरे प्रचार-प्रसार की कमान ममता बनर्जी ने संभाल रखी है तो बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह कमान संभाले हुए हैं. पीएम हों या फिर गृहमंत्री शाह दोनों ही ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं.
पिछले चुनावी नतीजों की बात की जाए तो साल 2021 में बीजेपी ने 77 सीटों पर चुनाव जीता था. पहले के मुकाबले बीजेपी का यह अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन था. बीजेपी की कोशिश है कि इस बार किसी भी हालत में बंगाल में सरकार बनाई जाए. इसके पीछे की एक वजह यह भी कि बीजेपी के लिए यह आखिरी किला है.
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