करोड़ों की मालकिन परिणीति चोपड़ा के सामने कुछ भी नहीं राघव चड्ढा की संपत्ति! जानिए दोनों की नेटवर्थ
राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा
Raghav Chadha-Parineeti Net Worth: आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है. पार्टी के अनुसार, वे पार्टी की नीतियों का पालन नहीं कर रहे थे और कम महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान दे रहे थे. वहीं राघव का कहना है कि उन्हें जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण रोका जा रहा है. इस मुद्दे के बीच, चार्टर्ड अकाउंटेंट से राजनेता बने राघव चड्ढा और उनकी पत्नी फेमस एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा अपनी नेटवर्थ को लेकर काफी चर्चा में हैं.
राघव चड्डा का टोटल नेटवर्थ कितना है?
संपत्ति के मामले में राघव चड्ढा और उनकी पत्नी परिणीति चोपड़ा के बीच बहुत बड़ा अंतर है. साल 2022 के राज्यसभा चुनाव के समय दिए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राघव चड्ढा की कुल चल संपत्ति लगभग 35 से 45 लाख रुपये के बीच है. उनके पास नकद राशि के रूप में 30 से 40 हजार रुपये हैं, जबकि बैंक खातों में करीब 30 से 40 लाख रुपये जमा हैं. इसके अलावा, उन्होंने शेयर और बॉन्ड में भी लगभग 6.35 लाख रुपये का निवेश किया है. वहीं राघव के नाम पर कोई घर या जमीन नहीं है और उनके पास लग्जरी कारों के बजाय एक पुरानी मारुति स्विफ्ट डिजायर है, जिसकी कीमत लगभग 1.32 लाख रुपये बताई गई है.
परिणीति चोपड़ा की कुल संपत्ति-कार कलेक्शन
रिपोर्ट्स के अनुसार, राघव चड्डा की पत्नी परिणीति चोपड़ा की कुल संपत्ति लगभग 74 करोड़ रुपये बताई गई है, जो उनके पति राघव चड्ढा की तुलना में करीब 150 गुना अधिक है. उनके पास मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा में 22 करोड़ रुपये का एक आलीशान घर है और उनके कार कलेक्शन में रेंज रोवर वोग, ऑडी Q4 और ऑडी Q7 जैसी महंगी लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं. परिणीति की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनका नाम फोर्ब्स इंडिया की टॉप 100 सेलिब्रिटी लिस्ट में भी रह चुका है और एक समय उनकी सालाना कमाई 5.36 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी.
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राघव चड्डा के बारे में
राघव चड्ढा का जन्म 11 नवंबर 1988 को दिल्ली के एक साधारण परिवार में हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मॉडर्न स्कूल से पूरी की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री हासिल की. साल 2011 में उन्होंने सीए (CA) की पढ़ाई पूरी की और डेलॉयट जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में काम किया. अन्ना हजारे के आंदोलन के समय वे अरविंद केजरीवाल की टीम का हिस्सा बने और राजनीति में कदम रखा.