अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कार्रवाई सिर्फ जांच तक सीमित रहेगी, या फिर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदारों पर वास्तव में कड़ी कार्रवाई होगी. आखिर शिक्षा के मंदिर में यह लापरवाही कब तक चलती रहेगी.
जानकारी के अनुसार, पहले तत्कालीन कोहेफिजा थाना प्रभारी के खिलाफ वसूली के आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी. इसके बाद थाना प्रभारी ने भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर आरोपों को निराधार बताया है. अब दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच की जा रही है.
Who Is IPS Mayur Khandelwal: दतिया आने से पहले वे भोपाल में डीसीपी जोन फोर और उज्जैन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने अपनी पहचान एक ऐसे अधिकारी के तौर पर बनाई जो फील्ड पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हैं.
मनी लॉन्ड्रिंग केस में अब ईडी के न्यायाधीश राजेंद्र कुमार पाटीदार की विशेष अदालत ने बरी कर दिया. वहीं जब्त की गई संपत्ति को शासन को जब्त करने का आदेश दिया है.
वार्ड-11 फूलगंज निवासी अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि वे पिछले 15 वर्षों से अपने अधिकारों के लिए सरकारी कार्यालयों, कलेक्टर कार्यालय, सीएम हेल्पलाइन और न्यायालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सका.
गुरुवार को एसडीएम आनंद सिंह राजावत के नेतृत्व और तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा की मौजूदगी में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी अवैध कब्जे हटवाए और मंदिर की पूरी 100 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया.
रेनबो पब्लिक स्कूल से दो दिन पहले 3 साल के कार्तिकन का स्कूल से ही अपहरण हो गया था. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था.
जांच के बाद अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को वैलिड मान लिया है. इसके साथ ही प्रदीप अहिरवार के राजपूत होने के आरोपों को भी खारिज कर दिया है.
वहीं पूरे मामले पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि इसमें स्वास्थ्य विभाग की किसी भी तरह कोई लापरवाही नहीं है. एंबुलेंस मौजूद थी. लेकिन घायल अपनी मर्जी से निजी वाहन से गए थे.
युवक ने जब सुमन के पहचान पत्र की जांच करवाई तो उसका कुछ पता नहीं चल सका. प्रितेश का कहना है कि नाम और पता सभी फर्जी मिला है. वहीं नंदू और विकास ने जिस ब्यूरो को चलाने का दावा किया था, वो भी झूठा निकला. उन दोनों का भी कोई पता नहीं चल रहा है.