Bhopal: डॉक्टरों की लापरवाही से थम गई किसान की सांसें! परिजनों ने गलत ब्लड चढ़ाने का लगाया आरोप, जानें पूरा मामला
किसान की मौत पर परिजनों ने लगाया आरोप
Bhopal News: भोपाल के कोलार इलाके स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 46 वर्षीय किसान ब्रह्मानंद सिंह ठाकुर की मौत हो गई. मृतक सागर जिले की खुरई तहसील के बांदरी थाना क्षेत्र के गंगऊआ गांव के रहने वाले थे. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ब्लड चढ़ाने के दौरान हुई लापरवाही और कथित गलत रक्त चढ़ाए जाने से उनकी जान चली गई. मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.
मुफ्त इलाज का झांसा देकर भोपाल लाने का आरोप
मृतक के भाई राजेंद्र सिंह ठाकुर के अनुसार, ब्रह्मानंद किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं थे. कुछ समय पहले हुए एक हादसे में उनके पैर में रॉड डाली गई थी. 12 जुलाई को गांव में सक्रिय कुछ लोगों ने आयुष्मान कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज कराने का भरोसा दिलाया और उन्हें भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया.
दूसरी यूनिट ब्लड चढ़ते ही बिगड़ी तबीयत
परिजनों का कहना है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद पैर की हड्डी में गैप बताते हुए दोबारा ऑपरेशन की सलाह दी. ऑपरेशन से पहले शरीर में खून की कमी होने की बात कहकर ब्लड चढ़ाया गया. उनका आरोप है कि पहली यूनिट ब्लड चढ़ने के बाद जब दूसरी यूनिट लगाई गई तो ब्रह्मानंद की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
आयुष्मान कार्ड के नाम पर दलाली का आरोप
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि निजी अस्पतालों से जुड़े कुछ दलाल गांव-गांव जाकर मरीजों को आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज का लालच देकर अस्पतालों तक पहुंचाते हैं. उनका दावा है कि हर मरीज के बदले दलालों को कमीशन दिया जाता है. इस मामले में उन्होंने बाबू भाई खान और डॉ. सुरेंद्र यादव नाम के दो लोगों पर झांसा देकर भोपाल ले जाने का आरोप लगाया है.
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना के बाद परिजन शव लेकर खुरई सिविल अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. खुरई शहरी पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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