’90 के दशक में BJP ने राष्ट्रपति के निधन की झूठी खबर फैला दी थी’, मीनाक्षी नटराजन बोलीं- भाजपा की साजिश की थ्योरी बोगस

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने कहा, 'तीसरी सीट पर जीत के लिए बीजेपी के पास 10 विधायक कम थे. इसके बावजूद इन्होंने अपना प्रत्याशी उतारा. इससे इनकी मंशा साफ है. बहुमत के लिए आंकड़ा 58 था, जबकि कांग्रेस के पास 62 विधायक थे. बीजपी के तीसरा कैंडिडेट उतारने का मतलब ही है कि इन्हें खरीद-फरोख्त करनी थी.'
Congress candidate Meenakshi Natarajan.

कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन.

MP News: मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार रहीं मीनाक्षी नटराजन ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. हैदराबाद के गांधी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. साथ ही बीजेपी के उस दावे को कॉन्सपेरेसी थ्योरी बताया जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस नेताओं ने ही नटराजन के खिलाफ दस्तावेज सौंपे थे.

‘BJP ने बहुत सी कॉन्स्पेरेसी थ्योरी प्लांट की’

बहुत तरह की कॉन्सपेरेसी थ्योरी भारतीय जनता पार्टी ने प्लांट की है. ध्यान भटकाने की बात है. ये बात नॉर्थ इंडिया अच्छे से जानता है. एक वक्त था, 90 के दशक में इन्होंने फैलाया कि गणेश जी की प्रतिमाएं डूबती नहीं. राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा के जीवित रहते हुए उन्हें मृत घोषित कर दिया था. ये वो जमाना था, जब सोशल मीडिया नहीं था.

आज जब सोशल मीडिया है तो झूठ आसानी से फैलाया जा सकता है. कोई सवाल ना खड़ा करे इसलिए इन्होंने राज्यसभा चुनाव में षड़यंत्र रचा कि कोई भी सवाल ना खड़े करे. पूरी पार्टी एक साथ है. ये खरीद फरोख्त जरूर करते लेकिन इन्होंने जब देखा कि पूरी पार्टी एक साथ है तो फिर इन्होंने इस तरह का हथकंडा अपनाया.

‘मुझे हक है कि मैं मध्य प्रदेश को रिप्रजेंट करूं’

मैं मध्य प्रदेश की हूं. मेरी पूरी पॉलिटिक्स मध्य प्रदेश की है. मुझे पूरा हक है कि मैं मध्य प्रदेश को रिप्रजेंट करूं. तेलंगाना से किसी को रिजाइन करना और उनका हक लेना ये हमारा मॉडल नहीं है. हमारे संविधान में है कि राज्यसभा का सांसद कहीं से भी हो सकता है. ये सही बात है लेकिन हम किसी को हटाना नहीं चाहते हैं.

’10 विधायक कम थे फिर भी नामांकन भरा’

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने कहा, ‘तीसरी सीट पर जीत के लिए बीजेपी के पास 10 विधायक कम थे. इसके बावजूद इन्होंने अपना प्रत्याशी उतारा. इससे इनकी मंशा साफ है. बहुमत के लिए आंकड़ा 58 था, जबकि कांग्रेस के पास 62 विधायक थे. बीजपी के तीसरा कैंडिडेट उतारने का मतलब ही है कि इन्हें खरीद-फरोख्त करनी थी.’

बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होन के बाद राज्यसभा की तीनों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए हैं.

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