संभव नहीं है! शिक्षक अभ्यर्थियों के अनशन के बीच शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का बयान, जानें क्या कहा?
शिक्षक भर्ती पर मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का बयान
MP News: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) में भर्ती के अभ्यर्थियों के पद बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में 21 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल जारी है. वहीं शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है.
मंत्री ने कहा कि तकनीकी और कानूनी प्रावधानों को देखते हुए विभाग फिलहाल करीब 18 हजार शिक्षकों की भर्ती कर सकता है. उन्होंने बताया कि अगले दो वर्षों में नियमित रूप से रिक्त होने वाले पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी.
भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी
शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर प्रदेश के अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती का इंतजार किया जा रहा है और बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं. इसी बीच मंत्री के बयान से सरकार की आगामी भर्ती प्रक्रिया को लेकर तस्वीर कुछ साफ हुई है.
सभी खाली पद एक साथ भरना संभव नहीं
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि विभाग सभी रिक्त पदों को एक साथ नहीं भर सकता. इसके पीछे आरक्षण व्यवस्था, पुराने बैकलॉग पद और अन्य तकनीकी प्रावधान प्रमुख वजह हैं. सरकार को भर्ती करते समय निर्धारित नियमों के अनुसार पदों का वर्गवार आकलन करना पड़ता है.
70 हजार अतिथि शिक्षकों का भी जिक्र
मंत्री ने अतिथि शिक्षकों का मुद्दा भी उठाया. उनके मुताबिक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 70 हजार अतिथि शिक्षक पहले से सेवाएं दे रहे हैं. इसलिए केवल खाली पदों की संख्या देखकर नई भर्ती का आंकड़ा तय करना सही नहीं होगा. विभाग को यह भी देखना होगा कि किन पदों पर पहले से अतिथि शिक्षकों के जरिए शिक्षण कार्य संचालित हो रहा है.
OBC आरक्षण और बैकलॉग का पेच
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में OBC आरक्षण के तहत 13 फीसदी पदों और पुराने बैकलॉग का भी ध्यान रखना पड़ता है. इन प्रावधानों के कारण कुल रिक्त पदों और तत्काल भर्ती के लिए उपलब्ध पदों की संख्या में अंतर हो सकता है. मंत्री के अनुसार यही तकनीकी प्रक्रिया भर्ती को प्रभावित करती है.
मुख्यमंत्री ने दिए भर्ती के निर्देश
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि रिक्त पदों को नियमानुसार भरा जाए. हालांकि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण और कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य है. सरकार का कहना है कि वह भर्ती को लेकर गंभीर है, लेकिन नियमों के मुताबिक ही नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
दो साल में चरणबद्ध भर्ती
सरकार के अनुसार आने वाले दो वर्षों में नियमित रूप से रिक्त होने वाले पदों पर भर्ती की जाएगी. फिलहाल करीब 18 हजार पदों पर भर्ती की संभावना जताई गई है. इससे लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है.
आंदोलन के बीच सरकार पर नजर
शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदेश में चल रहे आंदोलन के बीच अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर है. सबसे अहम यह होगा कि 18 हजार पदों की भर्ती का विज्ञापन कब जारी होता है और इसमें किन विषयों और वर्गों के कितने पद शामिल किए जाते हैं. सरकार का कहना है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है.