MP News: सार्थक ऐप में फिर गड़बड़ी, घर बैठकर लगा रहे अटेंडेंस, अधिकारियों को भी बिना काम किए मिल रही सैलरी
सार्थक ऐप से हाजिरी लगाने के बाद कर्मचारी और अधिकारी नदारद मिले.
MP News: मध्य प्रदेश में सार्थक ऐप का उद्देश्य कर्मचारियों और अधिकारियों को नियमित और सही तरीके से अटेंडेंस लगाने के लिए लाया गया था. लेकिन इसका इस्तेमाल एकदम इसके उलट हो रहा है. सार्थक ऐप में एकबार फिर गड़बड़ी सामने आई है. राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा लागू सार्थक ऐप से अटेंडेंस लगाने में अनियमितता पाई गई है. कोई कर्मचारी घर बैठकर ही अटेंडेंस लगा रहा है तो कोई टहलते-घूमते मौज-मस्ती करते हुए अटेंडेंस लगा रहा है. इसमें अधिकारी भी पीछे नहीं हैं. सबसे खास बात ये है कि इस ऐप से लगाई गई अटेंडेंस से सभी को पूरी सैलरी भी मिल रही है.
3 महीने के परीक्षण में पाई गई बड़ी अनियमितता
रीवा संभाग के 6 जिलों रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, अनूपपुर और शहडोल में 3 महीने का परीक्षण किया गया था. इसमें पाया गया कि कर्मचारियों ने सार्थक ऐप से सही से अटेंडेंस नहीं लगाई थी. या तो अपने घर से अटेंडेंस लगाई या फिर कहीं दूर से बैठकर ही अटेंडेंस लगाई. जिन लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट निकाली गई है. उसमें सतना में करुणेश तिवारी सहायक संचालक वरिष्ठ स्तर का पद भी शामिल है. वहीं मामला सामने आने के बाद मंडी बोर्ड के आयुक्त-सह-प्रबंध संचालक ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
मंडी बोर्ड ने आरोपी कर्मचारी और अधिकारियों को 7 दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है. इसके साथ ही 10 दिन के अंदर कार्रवाई करने के आदेश जारी किया है.
रीवा कृषि उपज मंडी के सबसे ज्यादा 18 अधिकारी-कर्माचारी शामिल
सार्थक ऐप के जरिए अटेंडेंस लगाने में अनियमितता के मामले में सबसे ज्यादा रीवा कृषि उपज मंडी के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं. यहां ऐसे 18 अधिकारी और कर्मचारी पाए गए हैं, जिन्होंने सार्थक ऐप के जरिए अटेंडेंस लगाने में अनियमितता की है. जबकि इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सैलरी मिली है. इस लिस्ट में नायबदार, सहायक उप निरीक्षक समेत अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों का नाम शामिल है. जिन्होंने गलत स्थान से अपनी उपस्थिति दर्ज की है.
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