मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 साल की उम्र में निधन, भोपाल में ली अंतिम सांस, जावेद अख्तर ने जताया शोक
मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन
Poet Bashir Badr Dies: मशहूर शायर पद्मश्री बशीर बद्र का 91 साल की आयु में निधन हो गया है. भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित अपने निवास में अंतिम सांस ली. जानकारी के अनुसार, बशीर बद्र लंबे समय से बीमार चल रहे थे. जावेद अख्तर ने बशीर बद्र के निधन पर शोक जताया है.
देश दुनिया में अलग पहचान बनाने वाले बशीर बद्र ने आज भोपाल में अंतिम सांस ली. उनकी अमर गजलें और अविस्मरणीय शेर हमेशा लोगों के दिलों और दिमागों में गूंजते रहेंगे.
آج ہماری زبان اردو تھوڑی اور غریب ہو گئی ۔ بشیر بدر ایک انتہائی خوشگو شاعر ہمیشہُ کے لیے محفلُ سے اٹھ گیا ۔ یہُ شاعر اور اس کی شاعری ہماری یادوں میںُ ہمیشہُ زندہُ رہیںُ گے
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) May 28, 2026
कहां हुआ था जन्म?
बशीर बद्र का जन्म 15 फरवरी 1935 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था. उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से B.A., M.A. और PHD की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लेक्चरर के रूप में भी काम किया. मेरठ कॉलेज में लगभग 17 सालों तक उर्दू विभागाध्यक्ष के रूप में काम किया. उर्दू भाषा पर अच्छी पकड़ रखने वाले बशीर बद्र ने अनगिनत शायरी लिखी है.
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हमारी उर्दू भाषा हुई कमजोरः जावेद अख्तर
जावेद अख्तर ने बशीर बद्र के निधन पर दुख जताते हुए लिखा, आज हमारी उर्दू भाषा थोड़ी कमजोर हो गई है. बेहद मधुर कवि बशीर बदर हमेशा के लिए हमारे बीच से चले गए हैं. यह कवि और उनकी कविताएं हमारी स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेंगी.
क्यों भोपाल शिफ्ट हुए थे बशीर बद्र?
बशीर बद्र उर्दू शायरी के जरिए मोहब्बत की बातें करते थे. 1987 में उन्हें सांप्रदायिक दंगों में नफरत का सामना करना पड़ा. इस दौरान उनका घर भी जला दिया गया. जिसके बाद वे भोपाल शिफ्ट हो गए थे. इस आगजनी में उनकी कई कई ऐतिहासिक अप्रकाशित रचनाएं और कविताएं भी जलकर नष्ट हो गई थीं.