Morena: दो कमरों में चल रहा था 445 बच्चों का मदरसा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने किया सील, मान्यता होगी रद्द
मुरैना में मदरसा सील
Morena News: मुरैना में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने बड़ा एक्शन लिया है. खड़ियाहार गांव में दो कमरों में संचालित आयशा इस्लामिया मदरसे को सील कर दिया गया है. जांच के दौरान मदरसे के रिकॉर्ड में दर्ज बच्चों की संख्या और मौके पर मौजूद बच्चों की संख्या में बड़ा अंतर सामने आया.
जांच के दौरान सामने आया कि मदरसे के रिकॉर्ड में 445 बच्चों के पढ़ने की जानकारी दर्ज थी, लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान सिर्फ 35 बच्चे ही मौजूद मिले. दर्ज संख्या और वास्तविक उपस्थिति में इतना बड़ा अंतर मिलने के बाद मदरसे की शिक्षा व्यवस्था और संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
शिक्षकों की संख्या स्पष्ट नहीं
निरीक्षण में ये भी सामने आया कि 445 छात्रों के हिसाब से यहां बैठने की जगह भी पर्याप्त नहीं थी. मदरसा दो कमरों में चल रहा था और आंगम में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था. विभाग की कार्रवाई में सामने आया कि शैक्षणिक रजिस्टर और जरूरी रिकाॅर्ड भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध नहीं मिले. वहीं मदरसे में पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या और उनकी उपलब्धता को लेकर भी किसी प्रकार की स्थिति स्पष्ट नहीं मिली.
अनियमितताओं का होगा बड़ा खुलासा
मदरसे में निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं. इन अनियमितताओं को लेकर जांच की जा रही है. आयोग की जांच पूरी होने के बाद मदरसे के संचालन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा होने की संभावना है. निरीक्षण के बाद मदरसे की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.
मान्यता निरस्त करने की तैयारी
आयोग की जांच के बाद आयशा इस्लामिया मदरसे की मान्यता निरस्त करने की तैयारी की जा रही है. इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को मदरसे की मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा. जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बच्चों का सरकारी स्कूलों में होगा दाखिला
मदरसा बंद होने के बाद वहां पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें आसपास के सरकारी स्कूलों में भेजा जाएगा. वास्तविक रूप से मदरसे में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं का नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा. बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं.