‘क्या आप भी अक्षम हैं’, अवैध खनन मामले में HC का ग्वालियर कलेक्टर से तीखा सवाल, सहायक खनिज अधिकारी को किया सस्पेंड
ग्वालियर हाई कोर्ट
ग्वालियर के डबरा क्षेत्र में प्रशासन की लगातार कोशिशों के बाद भी अवैध खनन पर ब्रेक नहीं लग पा रहा है. अवैध खनन के मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान बेहद सख्त रुख अपनाया. न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान माफिया के साथ गठजोड़ करने वाले प्रभारी खनिज अधिकारी घनश्याम यादव को संस्पेंड कर दिया दिया है.
घनश्याम यादव को किया सस्पेंड
सुनवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन, खनिज विभाग और सहायक खनिज अधिकारी घनश्याम यादव की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणियां कीं. कोर्ट ने उन्हें सस्पेंड करते हुए कहा कि घनश्याम यादव अवैध खनन करने वालों की सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं. इतना ही नहीं कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश का हवाला देते हुए कहा कि यदि अवैध खनिज परिवहन जारी मिला तो इसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी कलेक्टर ग्वालियर की होगी.
एसडीओ जूही गर्ग को हटाया
हाई कोर्ट द्वारा कलेक्टर को निर्देश दिया गया कि वह स्पष्ट रूप से बताएं कि क्या वे भी अवैध खनन रोकने में अक्षम हैं या नहीं? कोर्ट ने कलेक्टर से शुक्रवार तक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया. वहीं अदालत ने एसडीओ जूही गर्ग को मामले की नोडल अधिकारी (ओआईसी) की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है. कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि तुरंत सक्षम और ईमानदार खनिज अधिकारी को यहां भेजें.
लगातार हो रहा है अवैध खनन
बता दें कि ग्वालियर के बिलौया क्षेत्र में बड़ी संख्या में काले पत्थर काअवैध उत्खनन चल रहा है. अवैध खनन से 132 केवी ट्रांसमिशन सप्लाई का टावर गिरने के कगार पर पहुंच चुका है. प्रतिबंधित खदानों पर भी अवैध खनन हो रहा है.
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