ग्वालियर मंदिर हादसा: मृतकों के परिजनों को मिलेगी नगर निगम में नौकरी, ट्रक ने शीतला मंदिर के पास श्रद्धालुओं को कुचला था
ग्वालियर हादसा
Gwalior News: ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले 16 लोगों के परिवारों को सहारा देने के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है. मृतकों के परिवार के एक-एक सदस्य को आउटसोर्सिंग के जरिए नगर निगम में नौकरी दी जाएगी. हादसे में घायल हुए लोगों की मदद करने पर भी सहमति बनी है. नगर निगम परिषद में शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने इस फैसले का समर्थन किया.
महापौर ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने हादसे को लेकर सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि जब मंदिर तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों के जाने पर रोक थी, तो धान से भरा ट्रक वहां तक कैसे पहुंच गया. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक का पता लगाने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो.
सभापति ने पीड़ित परिवारों को दिया मदद का भरोसा
नगर निगम सभापति मनोज सिंह तोमर ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया. परिषद के फैसले का उद्देश्य हादसे से प्रभावित परिवारों को रोजगार के जरिए आर्थिक सहारा देना है. मृतकों के परिजनों को नौकरी देने के प्रस्ताव पर भाजपा और कांग्रेस के पार्षद एकमत रहे.
ढलान पर बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला
18 अक्टूबर की देर रात चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास दर्दनाक हादसा हुआ था. रात करीब 1:30 बजे मंदिर में दर्शन के लिए सड़क किनारे कतार में खड़े श्रद्धालुओं को धान से लदे तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया. इस दुर्घटना में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 42 लोग घायल हुए. घायलों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
पुलिस चेकपोस्ट तोड़कर मंदिर की दीवार से टकराया ट्रक
जानकारी के मुताबिक, चीनौर की ओर से आ रहा ट्रक सड़क के करीब 90 डिग्री के ढलान पर अनियंत्रित हो गया. बताया गया कि चालक गूगल मैप की मदद से रास्ता तलाशते हुए ट्रक चला रहा था. ढलान पर ट्रक पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया और मंदिर की बाहरी दीवार तथा गेट से टकरा गया. टक्कर इतनी भीषण थी कि मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए.
जयारोग्य अस्पताल में घायलों का इलाज
हादसे में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. हादसे के कारणों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे.
ट्रक चालक और मालिक गिरफ्तार, आठ पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस ने ट्रक चालक और मालिक को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में चालक ने ट्रक के ब्रेक फेल होने की बात कही है. हालांकि, हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच महत्वपूर्ण होगी.
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है. सरकार ने सिटी एसपी को पद से हटा दिया है, जबकि आठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. निलंबित कर्मचारियों में चार थाना प्रभारी भी शामिल हैं. अब मामले की जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि प्रतिबंध के बावजूद ट्रक मंदिर के पास तक कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई.
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