अपने जिले में खाली कुर्सियां, दूसरे जिलों में ड्यूटी! MP में जल संसाधन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर

Morena Water Resources: मुरैना जल संसाधन विभाग में स्वीकृत 68 पदों के मुकाबले केवल 30 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 38 पद खाली पड़े हैं.
Morena Water Resources

मुरैना जल संसाधन विभाग

रिपोर्टः मनोज शर्मा

MP News: जल संसाधन विभाग के चंबल संभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. विभाग में पदस्थ अमीनों का वेतन और सेवा रिकॉर्ड मुरैना से जुड़ा है, लेकिन वे राजस्व वसूली का कार्य पन्ना और ग्वालियर जिलों में कर रहे हैं. इससे मुरैना में वसूली कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और विभाग को करोड़ों रुपये की संभावित आय नहीं मिल पा रही है.

जानकारी के अनुसार मुरैना संभाग में स्वीकृत 68 पदों के मुकाबले केवल 30 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 38 पद खाली पड़े हैं. यानी विभाग में 55.88 प्रतिशत स्टाफ की कमी है. सबसे ज्यादा असर अमीनों की कमी का पड़ा है. स्वीकृत 19 पदों में से केवल 9 पद भरे हैं, जबकि 10 पद खाली हैं. विभागीय सूत्रों के मुताबिक कुछ अमीन मुरैना में पदस्थ होने के बावजूद पन्ना और ग्वालियर में वसूली कार्य कर रहे हैं. उनका वेतन भी मुरैना से ही जारी होता है. इससे स्थानीय स्तर पर राजस्व वसूली अभियान प्रभावित हो रहा है.

बकाया वसूली के लिए अमीनों की जरूरत

कार्यालयीन मंत्री पीएस जाटव ने बताया कि अमीनों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बकाया वसूली का काम प्रभावित हुआ है. विभाग ने गांव-गांव जाकर शिविर लगाकर वसूली के प्रयास किए, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली. विभाग को करीब 2.60 करोड़ रुपये की वसूली करनी थी, जबकि अब तक केवल 1.20 करोड़ रुपये ही वसूल हो सके हैं. उन्होंने बताया कि वसूली कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त अमीनों की जरूरत है. पन्ना और ग्वालियर में कार्यरत मुरैना के अमीनों को वापस बुलाने के लिए कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक उनकी वापसी नहीं हो सकी है.

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खाली पदों की स्थिति

  • सहायक यंत्री- 1
  • एसडीओ- 3
  • उपयंत्री- 5
  • मानचित्रकार- 1
  • सहायक मानचित्रकार- 1
  • स्टेनो- 1
  • लिपिक- 7
  • सहायक वर्ग-दो- 8
  • ट्रेसर- 1
  • अमीन- 10

विभाग में कर्मचारियों की कमी से न केवल वसूली कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि अन्य प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती या प्रतिनियुक्ति नहीं हुई तो विभागीय कामकाज और अधिक प्रभावित हो सकता है.

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