मुरैना: पोरसा में दलदल बनी सड़क, कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर मासूम, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
मुरैना में कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर मासूम
रिपोर्ट- मनोज शर्मा (मुरैना)
Children Struggle To Reach School: मुरैना जिले में विकास के दावों के बीच पोरसा जनपद की ग्राम पंचायत बडापुरा उसैथ में बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. गांव के शासकीय विद्यालय से कपूर सिंह तोमर के घर तक तथा विद्यालय से खाद्यान्न वितरण गोदाम होते हुए रामपाल सिंह तोमर के घर तक जाने वाली करीब 300 मीटर लंबी सड़क बरसात में पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है. इस कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और ग्रामीणों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है.
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में सड़क पर पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. छोटे-छोटे बच्चे रोजाना इसी कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं. कई बार बच्चे और राहगीर फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है.
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत की सरपंच द्वारा केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन गांव में अब तक कोई ठोस विकास कार्य नहीं कराया गया. उनका कहना है कि लंबे समय से नाला निर्माण, पुलिया निर्माण, सीसी सड़क और नल-जल योजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं, जिससे ग्रामीणों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
बड़े हादसे की उम्मीद
इतना ही नहीं, गांव का शासकीय आयुष औषधालय और शासकीय पशु चिकित्सालय भी जर्जर अवस्था में खड़े हैं. ग्रामीणों का कहना है कि भवनों का समय रहते पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन संस्थानों में न तो नियमित कर्मचारी आते हैं और न ही डॉक्टर एवं कंपाउंडर की उपस्थिति रहती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हैं.
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ग्रामीणों ने सड़क बनाने की रखी मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि गांव में शीघ्र सीसी सड़क, पुलिया और अन्य अधूरे विकास कार्य पूरे कराए जाएं. साथ ही बरसात के दौरान आवागमन सुचारु रखने के लिए तत्काल अस्थायी व्यवस्था भी की जाए, ताकि स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को राहत मिल सके. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बरसात में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं.