Khandwa News: खंडवा में बारिश का कहर, गरबड़ी नाले में बाढ़ से खिरकिया मार्ग बंद, ओंकारेश्वर में श्रद्धालु परेशान
खंडवा में बारिश का कहर
इनपुट-शेख शकील
Khandwa News: खंडवा में पिछले 24 से लगातार हो रही तेज बारिश के चलते किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी स्थित नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे खिरकिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया. उफनते नाले के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
खंडवा में रातभर झमाझम बारिश
देश के कई हिस्सों में अब तक मानसूनी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, इसी बीच मध्य प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी है. वहीं प्रदेश के खंडवा और हरदा जिले शुक्रवार से ही भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट पर थे. इस दौरान खंडवा में शुक्रवार सुबह से ही काले घने बादलों का डेरा था. जिसके चलते दिन में ही शाम जैसी स्थिति नजर आ रही थी, जिसके बाद देर शाम मौसम ने अंगड़ाई ली और सुबह से जारी गर्मी और उमस के बीच अचानक जोरदार बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई. यहां शुक्रवार शाम से शुरू हुआ तेज बारिश का दौर शनिवार सुबह तक भी जारी है.
खंडवा में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और बारिश के चलते बाजार की रौनक कल से ही फीकी पड़ती दिखाई दे रही है. वहीं इस दौरान तेज बारिश के बीच आसमान में बिजली की कड़क और बादलों की गरज भी मौसम को डरावना बना रही है. बारिश के दौरान आसमान पर काले घने बादलों का डेरा है, जिसके चलते सड़क से गुजर रहे वाहनों को हेडलाइट जलाने के बावजूद सामने देखने मे कठिनाई हो रही है. वहीं कुछ जगह सड़कों पर ही जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली है.
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में बिगड़े हालात
इधर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के हालात अधिक खराब हैं. यहां लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सड़कों के रास्ते बहता हुआ गंदा पानी नर्मदा के घाटों में मिल रहा है, जिससे घाटों पर गंदगी का अंबार नजर आ रहा है. वहीं इस दौरान देश दुनिया से पहुंचे श्रद्धालुओं को यहां के सीड़ी नुमा रास्तों से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. श्रद्धालु एक दूसरे का हाथ पकड़े इन रास्तों से गुजरते नजर आ रहे हैं. यहां एक तरफ जहां घाट के आसपास मौजूद दुकानों में भी पानी भरने की जानकारी मिल रही है, तो वहीं दूसरी तरफ घाटों पर बंधी नावों में भी पानी भरने के बाद नाविक उस पानी को नाव से बाहर निकालने के जतन करते दिखाई दे रहे हैं .
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जिला प्रशासन के पुख्ता इंतजाम और अपील
इस सब स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है. पूरे जिले और विशेष कर ओंकारेश्वर के घाटों पर बाढ़ एवं बचाव राहत के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और सुरक्षा की दृष्टि से तीर्थ नगरी में इस समय नाव का संचालन और श्रद्धालुओं का नर्मदा में स्नान करना प्रतिबंधित किया गया है.
इधर जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने आम लोगों से अपील जारी की है कि भारी बारिश के बीच कोई भी नागरिक उफनते नदी नालों को पार करने की कोशिश ना करें, बल्कि कुछ देर रुक जाएं. क्योंकि कई बार हमें लगता है कि पानी का बहाव इतना तेज नहीं है, जबकि बहन हमारी उम्मीद से अधिक होता है . ऐसे में हमारे साथ दुर्घटना होने के चांस अधिक रहते हैं , जिसे पार करने में पानी कम होने तक थोड़ी देर का इंतजार कर रोका जा सकता है.