IAS संतोष वर्मा के खिलाफ याचिका खारिज, HC ने रासुका लगाने से किया इनकार, कहा- कानून अपना काम करेगा

पूरे मामले पर कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष पर रासुका लगाने के लिए कोर्ट सरकार को बाध्य नहीं कर सकता है. रासुका के तहत कार्रवाई करना संबंधित अधिकारियों का अधिकार है.
Jabalpur High Court (File Photo)

जबलपुर हाई कोर्ट(File Photo)

MP News: अजाक्स के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष IAS सन्तोष वर्मा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट ने संतोष वर्मा के खिलाफ रासुका लगाने की मांग को लेकर लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया है. आईएएस पर आरोप है कि उन्होंने ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. जिसके बाद संतोष वर्मा पर एफआईआर दर्ज की गई थी. याचिका खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि कानून अपना काम करेगा.

‘कोर्ट सरकार को रासुका लगाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता’

जबलपुर निवासी अधिवक्ता अभिषेक दुबे ने हाई कोर्ट में याचिका लगाते हुए कहा था कि आईएएस संतोष वर्मा के ब्राह्मण समाज को लेकर की गई टिप्पणी के बाद समाज में वैमनस्यता का माहौल बढ़ा है. अधिवक्ता ने आईएएस के खिलाफ रासुका लगाने की मांग की थी. पूरे मामले पर एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की.

पूरे मामले पर कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष पर रासुका लगाने के लिए कोर्ट सरकार को बाध्य नहीं कर सकता है. बाकी जिन धाराओं में आरोपी के खिलाफ धाराएं लगाने की मांग की गई हैं, उस पर संबंधित धाराओं में पहले से एफआईआर दर्ज है. रासुका के तहत कार्रवाई करना संबंधित अधिकारियों का अधिकार है.

हाई कोर्ट ने कहा- कानून अपना काम करेगा

हाई कोर्ट ने जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित धाराओं में पहले केस दर्ज है, अलग से कोई भी कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है. अगर किसी व्यक्ति ने कोई अपराध किया है या फिर कोई आरोप है तो मामले में कानून अपना काम करेगा. साथ ही कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सिविल सर्विसेज के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार का पक्ष भी जरूरी है. जबकि याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार को अपना पक्षकार नहीं बनाया है.

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