देवास TI हत्याकांड में ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, पुलिस ने अलीराजपुर से 4 आरोप‍ियों को दबोचा

Dewas TI Murder Case: देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दो दिन से फरार चल रहे ट्रक ड्राइवर अक्कू और क्लीनर धीरज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
Truck driver arrested in TI murder case

टीआई मर्डर केस में ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार

Dewas TI Murder Case: मध्य प्रदेश के देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दो दिन से फरार चल रहे ट्रक ड्राइवर अक्कू और क्लीनर धीरज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस ने अक्कू को अलीराजपुर से पकड़ा है. कार्रवाई के दौरान तीन अन्य लोग भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. चारों आरोपियों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया है. मामले में आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है.

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नकली शराब से मौतों के बाद तेज हुई कार्रवाई

देवास जिले के चंदाना-बिंदाना गांव में नकली शराब पीने से कई लोगों की मौत के बाद पुलिस अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी सिलसिले में की जा रही छापेमारी के दौरान खातेगांव टीआई दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद शराब तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है.

तीन आबकारी अधिकारी और कर्मचारी निलंबित

मामले में लापरवाही सामने आने पर आबकारी विभाग ने भी कार्रवाई की है. अवैध शराब परिवहन से जुड़े प्रकरण में कर्तव्य निर्वहन में प्रथम दृष्टया लापरवाही और निगरानी में शिथिलता पाए जाने पर आबकारी आयुक्त ने सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल, आरक्षक अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित

वहीं, हरदा कलेक्टर ने लाइसेंसी पाटेन्द्र जायसवाल की तीन मदिरा दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं. इनमें सोडलपुर रोड टिमरनी, रहटगांव और हरदा रोड टिमरनी स्थित दुकानें शामिल हैं. विभागीय कार्रवाई के जरिए अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है.

पांच जिलों की पुलिस जुटी जांच में

इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को सौंपी गई है. उन्होंने बताया कि जांच और कार्रवाई के लिए पांच जिलों की पुलिस को तैनात किया गया है. अलग-अलग टीमें बनाकर शराब माफिया और उनके नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब कहां से लाई जा रही थी और इसकी आपूर्ति किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी.

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