‘यही रहेंगे ‘खड़े’ हनुमानजी…’, उज्जैन में संतों की हुंकार, कहा- दम है तो दिन के उजाले में हटाओ प्रतिमा
खड़े हनुमान जी की प्रतिमा, उज्जैन
Ujjain Hanuman Ji Statue: उज्जैन में खड़े हनुमान जी की मूर्ति को दूसरे मंदिर में विस्थापित करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. सराफा बाजार स्थित श्री खड़े हनुमान मंदिर को मार्ग चौड़ीकरण के दौरान यथास्थान रखने की मांग को लेकर बुधवार को कंठाल-छत्रीचौक मार्ग पर आस्था के साथ आक्रोश भी नजर आया. हजारों की तादात में भक्त और श्रद्धालु, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता हाथों में भगवा ध्वज लेकर इकठ्ठा होने लगे.
हनुमान चालीसा का पाठ
भारी भीड़ के बीच गूंजते जय श्री राम के नारों से माहौल गरमाता गया. संतों के पहुंचने के बाद हनुमान चालीसा शुरू हुई. मंच से संतों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी कि प्रतिमा हटानी है तो रात में नहीं, दिन में हटाकर दिखाएं. 15 से अधिक समाजों ने इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपे. बुधवार को उज्जैन में मौसम भी एकदम साफ था. तेज धूप के कारण कई लोगों के चेहरों पर थकान दिखाई दी लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं नजर आई.
हर तरफ श्रद्धालुओं की भीड़
कंठाल-छत्रीचौक मार्ग पर हर तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आ रही थी. भीड़ कार्यक्रम स्थल से हटने के लिए तैयार ही नहीं थी. कंठाल से छत्रीचौक तक करीब सैकड़ों मीटर क्षेत्र में पैर रखने तक की जगह नहीं बची. धर्म सभा में उज्जैन, इंदौर, देवास, धार और नागदा सहित कई जिलों के से युवा और हिंदूवादी संगठन लोग डटे रहे. हनुमान चालीसा के पाठ के साथ जय श्रीराम के जयघोष गूंजते रहे. पुलिस और प्रशासन का अमला भी व्यवस्था संभालने के लिए तैनात रहा.
हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा
धर्मसभा के दौरान संतों ने मंच से कहा कि श्री खड़े हनुमान सरकार को यथास्थान स्थापित करने के लिए समाज हर स्तर पर संघर्ष करेगा. प्रशासन को कार्रवाई करनी है तो रात के अंधेरे में नहीं बल्कि दिन के उजाले में की जाए. महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने कहा कि कार्रवाई के दौरान हिंदुओं के सीने आपके सामने होंगे. उन्होंने गोली खाने तक की बात कही है.
अगली बार जुटेंगे 50 हजार लोग
सभा में ये भी ऐलान किया गया कि इस बार बुधवार को हजारों भक्त इकठ्ठा हुए हैं लेकिन अगर मांग नहीं मानी गई तो अगली पांच हजार या 10 हजार लोग नहीं बल्कि 50 हजार भक्त जुटेंगे. विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक राजेश आंजना ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से खड़े हनुमान मंदिर को लेकर अलग-अलग स्तर पर चर्चाएं सामने की प्रतिमा आ रही है. उन्होंने कहा कि को कहीं और विस्थापित नहीं किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि मांग पर समाधान नहीं हुआ तो संतों के मार्गदर्शन में आगे की रणनीति तय की जाएगी.