उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन का काम समय से 2 महीने पहले हुआ पूरा, नवंबर में हो सकता है लोकार्पण
इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन (फाइल फोटो)
Ujjain-Indore Six-Lane: मध्य प्रदेश में उज्जैन और इंदौर को जोड़ने वाली 46.475 किलोमीटर लंबी सिक्स लेन सड़क परियोजना का काम निर्धारित समय 14 जनवरी 2027 से करीब दो महीने पहले ही पूरा हो गया है. इस परियोजना में लगभग 1692 करोड़ रुपये से बने इस अत्याधुनिक हाइवे का 100 फीसद काम पूरा कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि इसी नवंबर महीने में सड़क का लोकार्पण करके इसको जनता को समर्पित कर दिया जाएगा.
40 मिनट में पूरा होगा उज्जैन से इंदौर का सफर
सरकार की इस शानदार सौगात के बाद उज्जैन और इंदौर का सफर केवल 40 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा. उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से बाबा महाकाल की नगरी में आने वाले भक्तों और आम लोगों को इसकी सुविधा मिलेगी और सफर सुगम और सुरक्षित होगा.
स्वच्छ शहर इंदौर के अरविंदो मेडिकल कॉलेज से उज्जैन के हरिफाटक चौराहे तक बने इस सिक्सलेन से धार्मिक पर्यटन को एक नई दिशा और नया पंख मिलने जा रहा है. देश के हर कोने से आने वाले हवाई या रेल मार्ग के श्रद्धालुओं और टूरिस्ट के लिए इंदौर से उज्जैन पहुंचना बेहद आसान और सुविधाजनक हो गया है.
श्रद्धालुओं को मिलेगा सुरक्षित सफर
सड़क परियोजना के पूरे होने कलेक्टर रौशन कुमार सिंह का कहना है कि उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन प्रोजेक्ट से बाबा महाकाल की नगरी में आयोजित होने वाले सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को फायदा मिलेगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव की जो मंशा थी की 2027 तक सड़क का काम पूरा हो जाए, लेकिन सड़क का काम तय तारीख से पहले पुरा हो गया है. महाकुंभ में सड़क का सफर लोगों की उम्मीदों को पूरा करेगा और शहर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा.
सड़क परियोजना में क्या-क्या निर्माण कार्य हुआ
- उज्जैन-इंदौर परियोजना के तहत सिग्नल फ्री और एक्सीडेंट फ्री सफर की योजना तैयार की गई है. इसके तहत 3 फ्लाईओवर और 6 अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा किया गया है. इसके निर्माण से पूरा रास्ता सिग्नल फ्री और सुरक्षित बन गया है.
- सड़क परियोजना में दोपहिया और चार पहिया समेत भारी कमर्शियल वाहनों के लिए अलग-अलग लेन और स्थानीय ट्रैफिक के लिए 8 जंक्शन और सर्विस रोड विकसित किए गए हैं, इसके बनने से दुर्घटना होने की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है.
- सिंहस्थ में शाही स्न्नान पर भारी भीड़ के दौरान एम्बुलेंस, पुलिस और प्रशासनिक वाहनों के लिए रास्ता असान होगा और आवाजाही सुरक्षित होगी.



