‘किसी भी देश के विकास के लिए शिक्षा बहुत जरूरी, vistaar education conclave में बोले RNTU यूनिवर्सिटी के चांसलर

vistaar education conclave: आरपी दुबे ने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है. मध्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करते हैं. सैद्धांतिक विषय के साथ स्किल पर जोर देना होगा. परिसर में स्किल की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी.
vistaar education conclave

विस्तार एजुकेशन कॉन्क्लेव

vistaar education conclave: विस्तार न्यूज के एजुकेशन कॉन्क्लेव में RNTU के चांसलर आरपी दुबे शामिल हुए. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञान और साहित्य के लिए जाना जाता रहा है. भारत में प्राचीन काल से ही शिक्षा का महत्व था. पहले तक्षशिला, नालंदा विश्वविद्यालय थे. इसके बाद ऑक्सफोर्ड और अमेरिका के स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी का नाम आता है.

विश्वविद्यालय में NITI Aayog द्वारा समर्थित अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित है.

  • 150 से अधिक स्टार्टअप विकसित हुए हैं.
  • मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है.
  • विद्यार्थियों को उद्यमिता और नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.

‘विश्व रंग’ अंतरराष्ट्रीय साहित्य और कला महोत्सव आयोजित करता है

  • 65 से अधिक देशों की भागीदारी
  • हिंदी साहित्य, भारतीय कला और संस्कृति का वैश्विक मंच
  • तीन लाख से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता

‘देश के विकास के लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है’

आरपी दुबे ने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है. मध्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करते हैं. सैद्धांतिक विषय के साथ स्किल पर जोर देना होगा. परिसर में स्किल की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी. इससे उनका आत्मबल विकसित होगा.

‘रिचर्स पर विशेष ध्यान देना है’

मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों के स्तर को अमेरिका और ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी के लेवल तक ले जाने के बारे में उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत की स्थिति किसी से कम नहीं है. मैं जब युवाओं की ओर देखता हूं तो उनके अंदर आत्मविश्वास झलकता है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इस बात का उल्लेख युवाओं को यूजी स्तर से शोध की ओर ले जाना है. रिचर्स पर विशेष ध्यान देना है.

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उन्होंने आगे कहा कि हमें आत्मअवलोकन भी जरूरत है. हमें ईमानदारी से काम करना चाहिए. विशेष तौर पर शोध के क्षेत्र में जो संस्थान अच्छा काम कर रहे हैं, उनसे सीख लेना चाहिए.

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