एमपी के ये 5 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं छात्रों की टॉप चॉइस, यहां से डॉक्टर बनने का हर युवा का है सपना
MP Top Medical Colleges: आज के समय में लाखों की संख्या में छात्र सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. NTA द्वारा आयोजित इस परीक्षा को पास करने वाले छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल जाता है, जिससे वे बहुत ही कम फीस में MBBS की पढ़ाई कर डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार कर सकते हैं. चिकित्सा शिक्षा की तैयारी करने वाले हर छात्र का यही सपना होता है कि उसे एक बार सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल जाए, ताकि वह बहुत ही कम फीस में अपनी पढ़ाई पूरी कर सके. देश के लगभग सभी राज्यों में मेडिकल कॉलेज हैं, जहां एमबीबीएस की पढ़ाई होती है. इसी प्रकार एमपी में भी कई मेडिकल कॉलेज हैं, जहां छात्र एडमिशन लेकर अपनी पढ़ाई कर सकते हैं.
MBBS की पढ़ाई करने वाले हर छात्र का यह सपना होता है कि उसका एमपी के इन पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन हो जाए.
AIIMS भोपाल एमपी का सबसे बेहतरीन मेडिकल कॉलेज है, जहां देश के टॉप 50 कॉलेजों में शामिल होने के कारण हर छात्र नीट NEET परीक्षा पास करके एडमिशन लेना चाहता है.
भारत के सर्वश्रेष्ठ 50 मेडिकल संस्थानों में शुमार एम्स भोपाल में प्रवेश पाना काफी मुश्किल है, क्योंकि यहां NEET UG के हाई स्कोर के आधार पर ही एडमिशन मिलता है.
इंदौर का महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त है और पिछले 60 सालों से डॉक्टर बनने की अच्छी पढ़ाई करा रहा है.
MBBS के लिए इंदौर का यह मेडिकल कॉलेज बहुत लोकप्रिय है, जो पिछले छह दशकों से मेडिकल के क्षेत्र में छात्रों का अच्छा भविष्य बना रहा है.
साल 1955 में स्थापित जबलपुर का नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एमपी का एक फेमस संस्थान है, जो अपनी बेहतरीन पढ़ाई और क्लिनिकल ट्रेनिंग के लिए जाना जाता है.
साल 1946 में स्थापित ग्वालियर का गजरा राजा मेडिकल कॉलेज मध्य प्रदेश के सबसे पुराने और बेहतरीन मेडिकल संस्थानों में से एक माना जाता है.
भोपाल में एम्स के बाद छात्रों की पहली पसंद गांधी मेडिकल कॉलेज है, जो अपने 10 मेन चिकित्सा विभागों के साथ MBBS की बेहतरीन पढ़ाई कराता है.