अंगकृष रघुवंशी के ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ विवाद पर MCC ने तोड़ी चुप्पी, अंपायर के फैसले को बताया सही
अंगकृष रघुवंशी
Angkrish Raghuvanshi: आईपीएल 2026 का 38वां मुकाबला रविवार 26 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया. इस मैच में अंगकृष रघुवंशी को ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट दिए जाने पर खूब बवाल मचा था. हालांकि अब इस मामले पर मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर अंपायर के फैसले को पूरी तरह सही करार दिया है.
कैसे आउट हुए थे रघुवंशी?
दरअसल कोलकाता नाइट राइडर्स की पारी के दौरान 5वें ओवर की आखिरी गेंद पर युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी सिंगल एक रन लेने के लिए दौड़े थे, लेकिन उनके साथी कैमरन ग्रीन ने उन्हें वापस भेज दिया था. क्रीज की ओर वापस लौटने के प्रयास में फील्डर का थ्रो उनके शरीर से टकरा गया जिसके बाद फील्डिंग टीम ने तुरंत अपील की और थर्ड अंपायर ने उन्हें ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट करार दिया.
MCC ने क्या कहा?
अब इस मामले में मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने गुरुवार को अपने स्पष्टीकरण में नियम 37.1.1 का हवाला देते हुए बताया कि यदि कोई बल्लेबाज अपने शब्दों या कार्यों से जानबूझकर फील्डिंग टीम के काम में बाधा डालता है या उनका ध्यान भटकाने का प्रयास करता है तो वह ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट दिया जा सकता है. इसी के साथ MCC ने एक पुराने उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई बल्लेबाज रन लेते समय पिच के बीच अपनी दिशा बदलता है तो इसे जानबूझकर किया गया कार्य माना जा सकता है.
MCC has issued a Law clarification relating to Obstructing the Field, following a recent incident in the Indian Premier League, with #AngkrishRaghuvanshi given out during the match between Kolkata Knight Riders and Lucknow Super Giants.#IPL #MCC pic.twitter.com/Iv3P2ZK9hB
— lightningspeed (@lightningspeedk) April 30, 2026
MCC ने अंपायर के फैसले को बताया सही
MCC के मुताबिक अंगकृष रघुवंशी ने नियमों का उल्लंघन किया है. उन्होंने आसान शब्दों में कहा कि रघुवंशी पिच के बीच ऐसे हिस्से में दौड़े, जहां उन्हें नहीं दौड़ना चाहिए था. इसके अलावा वह ऑफ द साइड से लेग साइड चले गए, जिससे वह गेंद और विकेट के बीच आ गए. MCC के मुताबिक, इस तरह दिशा बदलना और गेंद के रास्ते में आना नियमों के तहत ‘जानबूझकर किया गया कृत्य’ माना जाता है, इसलिए अंपायर का फैसला सही था.