PSL छोड़ IPL खेलने आया खिलाड़ी तो PCB को लगी मिर्ची, तेज गेंदबाज पर लगाया 2 साल का बैन
ब्लेसिंग मुजारबानी
PCB: जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी इन दिनों क्रिकेट जगत में चर्चा का बड़ा विषय बने हुए हैं. पाकिस्तान सुपर लीग को बीच में छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग खेलने भारत आने का उनका फैसला अब उनपर भारी पड़ता नजर आ रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मुजारबानी के इस कदम पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन पर 2 साल का बैन लगा दिया है.
PSL 2026 में इस्लामाबाद यूनाइटेड का थे हिस्सा
बता दें, जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी को इस्लामाबाद यूनाइटेड ने पाकिस्तान सुपर लीग में रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर अपनी टीम में शामिल किया था. हालांकि, इसी दौरान जब उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग में मौका मिला, तो उन्होंने बिना देर किए कोलकाता नाइट राइडर्स का रुख कर लिया, जिससे अब विवाद खड़ा हो गया है.
📢PAKISTAN BANNED MUZARABANI..!!
— Danish (@BhttDNSH100) April 14, 2026
Blessing Muzarabani has been banned from the PSL for 2 years after choosing the IPL over PSL. pic.twitter.com/r5wUaACvGp
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PSL छोड़ IPL का किया था रुख
दरअसल, पाकिस्तान सुपर लीग की नीलामी में ब्लेसिंग मुजारबानी को कोई खरीदार नहीं मिला था, जिसके बाद इस्लामाबाद यूनाइटेड ने उन्हें रिप्लेसमेंट के तौर पर अपने साथ जोड़ा था. लेकिन कहानी ने उस वक्त मोड़ लिया जब कोलकाता नाइट राइडर्स के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान टीम से बाहर हुए और फ्रेंचाइजी ने उनकी जगह मुजारबानी को मौका दिया. इस सुनहरे अवसर को भुनाते हुए उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग को बीच में ही छोड़ दिया और आईपीएल का रुख किया. खास बात यह रही कि उन्होंने अपने डेब्यू मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 4 विकेट झटककर शानदार प्रदर्शन किया और तुरंत सुर्खियों में आ गए.
बोर्ड ने लगाया 2 साल का बैन
पाकिस्तान सुपर लीग ने इस बार अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है. दरअसल, यह पहला मामला नहीं है पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ने भी पाकिस्तान सुपर लीग का करार बीच में छोड़कर मुंबई इंडियंस का रुख किया था, जिसके चलते उन पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया था.
लेकिन ब्लेसिंग मुजारबानी के मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ा फैसला लिया है और उनपर 2 साल का बैन लगा दिया है. बोर्ड के इस फैसले को अन्य खिलाड़ियों के लिए सख्त चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है. बोर्ड का साफ कहना है कि अगर खिलाड़ी लीग के अनुबंध को ‘विकल्प’ की तरह इस्तेमाल करेंगे, तो इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.