अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जब वह जेल में थे, तब उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने न सिर्फ घर, बल्कि पार्टी की बागडोर भी संभाली. केजरीवाल ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी टूटने से बची, तो इसका 90% श्रेय सुनीता को जाता है, क्योंकि उस समय उन्हें राजनीति का कोई खास अनुभव नहीं था.
दिल्ली के पूर्वांचलियों की दिलचस्पी इस बार कुछ अलग है. पहले लोग सिर्फ वादों पर भरोसा कर लिया करते थे, लेकिन अब उनकी सोच में बदलाव आया है. उनका कहना है कि अब सिर्फ वादे नहीं, बल्कि उम्मीदवार की नीयत और काम करने की क्षमता को देखेंगे.
AAP ने यह भी कहा कि पहले ही गृह मंत्रालय ने अरविंद केजरीवाल को सुरक्षा खतरे के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन यह चेतावनी केवल यह बताती थी कि केजरीवाल को खतरा है, यह नहीं बताया गया था कि यह खतरा बीजेपी के गुंडों से है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने जो चुनावी वादे किए हैं, उनमें एक अहम रणनीति नजर आ रही है—वह है आम आदमी पार्टी (AAP) की यूएसपी (Unique Selling Proposition) यानी 'मुफ्त सुविधाओं' को छीनने की कोशिश.
Delhi Election: 17 जनवरी को BJP ने दिल्ली चुनाव को लेकर अपने संकल्प पत्र का पहला हिस्सा जारी कर दिया है. इस संकल्प पत्र के पहले हिस्से को AAP के नहले पर BJP का दहला माना जा रहा है. इसके साथ ही संकल्प पत्र जारी करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केजरीवाल और AAP पर निशाना साधा है.
Delhi Election 2025: साल 2024 के शुरुआत में एक जांच रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के सात मोहल्ला क्लीनिक में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था. जिसके बाद मोहल्ला क्लिनिक के व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए थे. अब एक बार फिर से मोहल्ला क्लिनिक सवालों के घेरे में है.
ठाकुर ने शराब नीति में हुए घोटाले पर इस दौरान CAG (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में चली AAP सरकार को भ्रष्ट सरकार बताया.
Delhi Election: विरोध मार्च को लेकर अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वांचलियों का सबसे ज्यादा अपमान BJP करती है. प्रदर्शन को लेकर केजरीवाल बोले कि वे अपने घर के बाहर एक टेंट लगा देता हूं. केजरीवाल ने बीजेपी को झूठा और दोगला भी बताया.
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की मुफ्त योजनाओं ने पिछले कुछ सालों में राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं. मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं के चलते AAP ने दिल्ली की जनता में एक मजबूत आधार तैयार किया है.
आम आदमी पार्टी (AAP) 2015 और 2020 के चुनावों में शानदार जीत के साथ दिल्ली की सत्ता में काबिज रही है, और इस बार भी पार्टी ने अपने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी की है.