बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र की नीतियों के मुताबिक, मैं बांग्लादेश से आए शरणार्थियों को शरण दे सकती हूं. ये दो देशों के बीच का मामला है. मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है, कुछ बीजेपी नेताओं ने किया है और कुछ बांग्लादेश के लोगों ने.."
उत्तर बंगाल भाजपा का गढ़ बन गया है और अगर यह क्षेत्र अलग राज्य बनता है, तो भाजपा यहां सरकार बनाएगी. इस तरह, अगर पूरा बंगाल नहीं, तो कम से कम आधा बंगाल भाजपा के शासन में आ जाएगा.
पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेश में अशांति फैली हुई है. बांग्लादेश के अधिकारियों ने पूरे देश में सख्त कर्फ्यू लगा दिया है और राजधानी ढाका के कुछ हिस्सों में सैन्य कर्मियों ने गश्त की है.
हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भी सीएम ममता बनर्जी की टीएमसी ने शानदार प्रदर्शन किया था. पार्टी ने राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 29 पर जीत दर्ज की थी, जबकि भगवा पार्टी का आंकड़ा सिर्फ 12 पर सिमट गया था.
Mamata Banerjee: अनंत राय महाराज उत्तर बंगाल की राजनीति का बड़ा चेहरा हैं जहां बीजेपी ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से पैर जमाए हैं. अनंत उत्तर बंगाल के कूचबिहार को पृथक ग्रेटर कूच बिहार राज्य बनाने की मांग करने वाले संगठन ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन (जीसीपीए) के अध्यक्ष हैं.
West Bengal Politics: कोलकाता नगर निगम(KMC) के अंतर्गत आने वाले 144 वार्डों में से TMC के फिलहाल 138 पार्षद हैं. वहीं BJP के तीन और वाम-कांग्रेस गठबंधन के तीन पार्षद हैं.
तीसरी मीटिंग के बाद इंडिया गठबंधन के कई नेताओं ने अलग राह चुन ली. 19 दिसंबर को दिल्ली में हुई चौथी बैठक के बाद बंगाल में सीटों के बंटवारे पर कांग्रेस से खींचतान हुई.
Lok Sabha Election 2024: दिल्ली में एक जून को INDIA ब्लॉक की होने वाली बैठक में सभी सहयोगियों को बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इससे दूरी बना ली है.
कुछ सकारात्मक बातें भी हैं. ममता दीदी ने 'लक्ष्मी भंडार' योजना के जरिए राज्य में महिलाओं के बीच अच्छी खासी लोकप्रियता पाई है. इस योजना के तहत 25 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 से 1,200 रुपये दिया जाता है.
Chhatisgarh News: सीएम साय ने कहा कि ये फैसले बताते हैं कि ममता बनर्जी की सरकार गैर-संवैधानिक तरीके से, तुष्टिकरण की नीति को आगे बढ़ा रही थी. इंडी गठबंधन केवल वोट बैंक की राजनीति के कारण लगातार आदिवासियों, पिछड़ों के हक़ पर डाका डाल रही है, उनका अधिकार छीन कर मुसलमानों को देना चाहती है, इसकी जितनी निंदा की जाय वह कम है.