MP News: मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा की बेंच ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की मांग को स्वीकार कर लिया गया है. याचिकाकर्ताओं के वकील ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि सरकार ने जो चार्ट पेश किया है, वह स्पष्ट नहीं है
MP News: प्रोफेसर ने कोर्ट में दलील पेश करते समय केमिस्ट्री के तर्क दिए थे. उन्होंने कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के समय थर्मल बर्न और इलेक्ट्रिक बर्न में अंतर नहीं किया जा सकता है. केवल रासायनिक विश्लेषण (केमिकल एनालिसिस) के माध्यम से ही यह अंतर स्पष्ट हो सकता है
Indore News: हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दायर जनहित याचिका इंदौर जिले की सांवेर के ग्राम कुड़ाना के राजेश वर्मा की ओर से दायर की गई है. बताया जा रहा है कि राजेश ने किसी वकील की मदद नहीं ली है, उन्होंने स्वयं ही इस केस को दायर किया है
MP News: एमपी हाई कोर्ट में 11 नए जजों की नियुक्ति के बाद भी 8 पद अभी भी रिक्त हैं. नवनियुक्त जज बुधवार यानी 30 जुलाई को शपथ ले सकते हैं. वहीं दो जज अगले महीने रिटायर हो रहे हैं
MP High Court: कोर्ट ने दूसरे शब्दों मे कहा कि मध्य प्रदेश को एमपी या मप्र कहना राज्य की पहचान को सरल बनाता है न कि उसका नाम बदलता है. इसके साथ ही कोर्ट ने आगे कहा कि आज के इस आधुनिक लेखन और संचार व्यवस्था में जगह और समय बचाने के लिए ऐसे संक्षिप्त शब्दों का प्रयोग जरूरी हो गया है
MP News: याचिका में यह भी बताया गया कि जबलपुर में आंगनबाड़ी केंद्रों के किराए के नाम पर 1.80 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए. जबकि वहां बच्चों की उपस्थिति बहुत कम है. एक आंगनबाड़ी केंद्र में 40-50 बच्चों का रजिस्ट्रेशन होता है
MP News: कोर्ट ने एमपी ऑनलाइन पोर्टल को निर्देश दिए हैं कि नर्सिंग काउंसिल के ऑनलाइन डाटा में कोई बदलाव ना होने दें. वहीं इस पूरे मामले की जांच के लिए CBI को निर्देश दिए हैं.
MP News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 28वें चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत रहे. वे अपने पद पर 25 सितंबर 2024 से 23 मई 2025 तक रहे. जस्टिस संजीव सचदेवा 24 मई 2025 से 13 जुलाई 2025 तक कार्यकारी चीफ जस्टिस रहे
MP News: जस्टिस संजीव सचदेवा 24 मई 2025 से 13 जुलाई 2025 तक कार्यकारी चीफ जस्टिस रहे. इससे पहले भी वे कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं. वे 9 जुलाई 2024 से 24 सितंबर 2024 तक प्रदेश के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश रहे हैं.
MP News: एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन नोटिस देकर जवाब मांगा है. ये याचिका छात्र संगठन NSUI के सचिव अदनान अंसारी ने पिछले साल यानी 2024 में दायर की थी