इसके पहले नर्मदापुरम जिला न्यायालय ने दोषी को मौत की सजा मुकर्रर की थी. जिसके बाद दोषी की तरफ से हाई कोर्ट में अपील की गई थी
हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 2014 की नीति का जिक्र किया. कोर्ट ने कहा कि 2014 नीति के मुताबिक अनुकंपा नियुक्ति में क्रमानुसार पति, पत्नी, पुत्र फिर पुत्री प्राथमिकता दी जाती है.
जाति प्रमाण पत्र मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से 60 दिनों में जांच करने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि अगर 60 दिनों में रिपोर्ट नहीं मिली तो कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार की याचिका पर सुनवाई करेंगे.
MP News: चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ ने जज को कॉल करने के मामले में सुनवाई की. अदालत ने बीजेपी विधायक के वकील की दलीलों पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि ये दो पक्षों का विवाद नहीं है, इस मामले में कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया है.
पूरे मामले पर सोमवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की डिवीजन बेंच ने मामले पर सुनवाई करते हुए बच्चों को स्कूल से बाहर निकाले जाने पर रोक लगा दी. इसके साथ ही तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ये किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं है.
पूरा मामला एक रिट अपील से जुड़ा हुआ है. ये रिट अपील मुकेश कुमार गुप्ता नाम के शख्स ने दायर की थी. दरअसल मुकेश को 29 जुलाई 2021 को अनिवार्य रूप से रिटायरमेंट मिला था.
परिवार और समाज के डर से युवती ने शुरू में किसी को नहीं बताया लेकिन गर्भवती होने के बाद जब परिवार ने युवती से जब पूछा तो उसने पूरी घटना के बारे में घरवालों को जानकारी दी.
MP News: पुरुष अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हाल ही में जारी नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी है. एकलपीठ ने मामले में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सहित मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जबाब मांगा है
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कोई भी मुस्लिम व्यक्ति अपनी पूरी संपत्ति का 33.33 प्रतिशत से ज्यादा की वसीयत नहीं कर सकता है. पूरी संपत्ति की वसीयत करने के लिए सभी वैध वारिसों की सहमति लेना जरूरी है.
महिला ने आरोप लगाया था कि उसका पति संतान ना होने के कारण कई सालों से उसे प्रताड़ित कर रहा है. लगातार मारपीट करता था. संतान ना होने के कारण पति ने साल 2022 में दूसरी महिला से शादी कर ली.