MP Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव की मतदान और मतगणना प्रक्रिया से पहले होने वाली यह सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसके नतीजे चुनाव की दिशा बदल सकते हैं.
MP News: राज्य सरकार भोपाल और ग्वालियर के बीच नया 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी कर रही है.
MP Aaj Ka Mausam: मौसम विभाग के अनुसार, मानसून 17 से 18 जून के बीच प्रदेश के दक्षिणी जिलों में प्रवेश कर सकता है. इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में इसके पूरे राज्य में फैलने की उम्मीद है.
रामेश्वर शर्मा ने कहा, 'दिग्विजय सिंह 10 साल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं. उन्हें निर्वाचन आयोग और हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली के बार में पता है. लेकिन फिर भी उन्होंने इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी की.'
Sahitya Akademi Award: विस्तार न्यूज के ग्रुप एडिटर ब्रजेश राजपूत की किताब 'द एवरेस्ट गर्ल' का चयन साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए हुआ है. उपन्यास श्रेणी में किताब को चुना गया. प्रादेशिक वृंदावन लाल वर्मा सम्मान के तहत 51 हजार रुपये दिया जाएगा. इसके साथ ही स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा.
कमलनाथ ने कहा है कि अभी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, लेकिन उसके पहले ही बीजेपी के प्रत्याशियों को जीत दे दी गई. कमलनाथ ने इसे जनता और लोकतंत्र के साथ धोखा बताया है.
Yashbardhan Singh Chauhan: बीसीसीआई की जूनियर क्रिकेट समिति ने श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 टीम के ऐलान कर दिया है, जिसमें मध्यप्रदेश के युवा ऑलराउंडर यशवर्धन सिंह चौहान को टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है.
चोडनकर ने आगे कहा, 'रिटर्निंग ऑफिसर इस तरह नॉमिनेशन रिजेक्ट ही नहीं कर सकते. बहुत सारे नियम हैं. इलेक्शन कमीशन ने अपना काम सही तरीके से नहीं किया है. लेकिन अब हम सुप्रीम कोर्ट गए हैं. हमको पूरी तरह यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट अपना काम बखूबी करेगा. सुप्रीम कोर्ट पूरा मामला एक मिनट में सॉल्व कर देगा.'
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो को यात्रियों की पहली पसंद बनाने के लिए सिर्फ आधुनिक सुविधाएं पर्याप्त नहीं होंगी. इसके लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी, फीडर बस सेवा, पार्किंग और आसान टिकटिंग व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा.
Seoni News: कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. अवैध कटाई में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए. साथ ही यह भी जांच की जाए कि सरकारी भूमि पर वृक्षों की कटाई किसकी अनुमति से की गई