5 दिवसीयी विधानसभा सत्र को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसमें कई अहम विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे. बताया जा रहा है कि 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश हो सकता है.
महिला आरक्षण बिल को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आगे कहा, 'कांग्रेसी हर बार गिरगिट की तरह रंग बदल लेते हैं. कांग्रेसी चाहते क्या हैं. कांग्रेसी बताएं पक्ष में रहते हैं तो महिला आरक्षण पास नहीं होने देते हैं और विपक्ष में रहते हैं तो समर्थन नहीं करते हैं.'
विपक्ष ने ये कहते हुए वॉक आउट कर दिया कि संशोधन अस्वीकार है. मध्य प्रदेश विधानसभा में संशोधन प्रस्ताव के लिए सोमवार को एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया था.
मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिन विशेष सत्र बुलाया गया है. एक दिवसीय इस सत्र में महिला आरक्षण को प्रदेश में लागू किए जाने को लेकर चर्चा की जाएगी.
MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र 27 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा. नारी शक्ति वंदन समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी. सदन में बीजेपी, कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करेगी.
विधायक का कहना है कि यदि जनहित से जुड़े प्रश्नों के साथ इस तरह की 'संपादन प्रक्रिया' अपनाई जाएगी, तो सदन की गरिमा और जवाबदेही दोनों प्रभावित होंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सरकार को कटघरे में खड़ा करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है.
पूरक पोषण आहार की दर का निर्धारण भारत सरकार द्वारा किया जाता है. पिछली बार वर्ष 2017 में पूरक पोषण आहार की दर में वृद्धि की गई थी. ये जानकारी विधानसभा में चुरहट विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक अजय सिंह के सवाल के जवाब में सरकार ने दिया है.
विधानसभा में एक ओर होली की हल्की-फुल्की राजनीतिक चुटकियां चलीं, तो दूसरी ओर किसानों की चिंता को लेकर गंभीर चर्चा भी हुई. आगामी दिनों में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर राहत पैकेज को लेकर सरकार के कदमों पर सबकी नजर रहेगी.
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सदन में 47 मिनट कुत्तों के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है तो इंसानों की मौत पर क्यों नहीं. उन्होंने तर्क दिया कि मंदसौर गोलीकांड और व्यापम जैसे मामलों पर भी तब चर्चा हुई थी, जबकि वे भी न्यायालय में लंबित थे.
रोजगार मेलों और कंपनियों के ऑफर को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई. मंत्री के अनुसार वर्ष 2024-25 में 10 कंपनियों ने कुल 53,921 ऑफर लेटर जारी किए, जिनका औसत वेतन 5,000 से 28,000 रुपये प्रतिमाह के बीच रहा.