Garud Puran: गरुड़ पुराण में कहा गया है कि जब मृत्यु निकट होती है, तो व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है. सांसों की गति में अचानक परिवर्तन आने लगता है. कभी यह बहुत तेज हो जाती है, तो कभी धीमी.
Hanuman Jayanti 2026: हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक जिस दिन पूर्णिमा तिथि सूर्य उदय के समय हो तो उस दिन पूर्णिमा व्रत किया जाता है. हनुमान जयंती चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है.
Chaitra Navratri: देवी कात्यायनी को ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री माना जाता है. चार भुजाओं वाली देवी का स्वरूप अद्भुत लगता है. सिंह की सवारी करती हैं. एक हाथ में तलवार और दूसरे में कमल करती हैं. वहीं, दूसरी ओर निचला दायां हाथ वरद मुद्रा यानी वरदान देने की स्थिति में होता है.
Chaitra Navratri: तांत्रिक साधनाओं में माता स्कंदमाता का संबंध विशुद्ध चक्र से माना जाता है. वहीं, ज्योतिषशास्त्र में इन्हें बृहस्पति से जोड़कर देखा जाता है. नवरात्र के पांचवें दिन सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग बन रहे हैं.
Aaj Ka Rashifal: ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक ये अत्यंत शुभ और शक्तिशाली संयोग होता है जो हर तरह की मनोकामनाओं को पूरा करता है, इसके साथ ही सफलता प्रदान करता है. इसके साथ ही रवि योग भी बन रहा है. इन योग की वजह से कई राशियों के जातकों को लाभ मिलने वाला है
Mahalakshmi Rajyog 2026: ज्योतिषियों के अनुसार, चंद्रमा और मंगल की एक विशेष युति बनने जा रही है, जिससे महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा. सबसे प्राचीन धर्म ग्रंथ वैदिक शास्त्र में महालक्ष्मी राजयोग को बहुत ही शुभ और फलदायी बताया गया है.
Chaitra Navratri 2026: साल 2026 की चैत्र नवरात्रि का पावन महीना शुरू हो चुका है, जो पूरे नौ दिनों तक यानी 27 मार्च तक रहेगा. इस दौरान पूरे देश भर में बड़े धूमधाम से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है. इन पवित्र दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग दिनों में उपासना की जाती है. नवरात्रि शुरू होते ही कुछ भक्त माता की अखंड ज्योति जलाने का संकल्प लेते हैं और इसकी बड़ी सावधानी से देखरेख करते हैं. लेकिन किसी कारणवश यदि यह ज्योति बुझ जाती है, तो भक्त चिंता में पड़ जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि अखंड ज्योति बुझने पर कौन से उपाय करें, जिससे माता रानी की कृपा बनी रहे.
Guru Margi 2026: पुनर्वसु का अर्थ है 'फिर से बसना', जो जीवन में नई शुरुआत, धैर्य और सकारात्मकता का प्रतीक है. अगले 9 महीनों तक गुरु की यह स्थिति शिक्षा, भाग्य और धन के मामले में इन चार राशियों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगी और जीवन के अंधेरे को दूर कर खुशहाली लाएगी.
Chaturgrahi Yog 2026: द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस समय मीन राशि में चंद्रमा, शनि, सूर्य और शुक्र ये चार बड़े ग्रह एक साथ मौजूद हैं. ज्योतिष में जब चार ग्रह एक ही राशि में मिलते हैं, तो इसे 'चतुर्ग्रही योग' कहते हैं, जिसका खास असर 20 मार्च तक रहेगा.
Chaitra Navratri 2026: द्रिक पंचांग के मुताबिक, चैत्र अमावस्या 18 मार्च की सुबह शुरू होकर 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे तक रहेगी. इसके तुरंत बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन सुबह तक चलेगी. समय के इसी बदलाव की वजह से अमावस्या के धार्मिक काम और नवरात्रि की शुरुआत दोनों एक ही दिन यानी 19 मार्च को पड़ रहे हैं.