Shani Asta in Pisces 2026: द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 13 मार्च 2026 की शाम 7:13 बजे शनि महाराज मीन राशि में अस्त होने जा रहे हैं. लगभग 30 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद न्याय के देवता शनि की स्थिति में होने वाला यह महा-परिवर्तन सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा.
Aaj Ka Rashifal: सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़कर कार्य करने के लिए रहेगा. आप किसी धार्मिक कार्यक्रम से जुड़कर अच्छा नाम कमाएंगे और आपको आय के भी नए स्त्रोत प्राप्त होंगे.
Aaj Ka Rashifal: मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन कुछ समस्याएं लेकर आने वाला है. आज आपको किसी काम के पूरा न होने के कारण तनाव बना रहेगा. यदि आपने किसी को धन उधार दिया था, तो वह भी आज आपको वापस मिल सकता है.
Falgun Maas 2026: फाल्गुन के इस पवित्र महीने में भगवान शिव और श्रीकृष्ण की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस समय महामृत्युंजय मंत्र और कृष्ण मंत्रों का जप करने से विशेष लाभ मिलता है साथ ही भगवान का आशीर्वाद बना रहता है.
Shukra Uday 2026: ज्योतिष शास्त्र में शुक्र देव को भौतिक सुख, वैवाहिक आनंद और धन-संपत्ति का प्रतीक माना जाता है, यही कारण है कि उनके उदय होने पर ही शादी, सगाई, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है.
Shukra Rahu Apar Dhan Yog: ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक शुक्र ग्रह को सुख-सुविधा, धन-ऐश्वर्य, प्रेम और आकर्षण का प्रतीक माना जाता है. यही कारण है कि जब शुक्र अपनी चाल में बदलाव करता है तो इसका असर व्यक्ति के आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.
Ravidas Jayanti 2026: इतिहासकारों के अनुसार, गुरु रविदास जी का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित मंधुआडीह नामक स्थान पर हुआ था. उनके जन्म वर्ष को लेकर विद्वानों में भिन्नता है जहां कुछ इसे 1377 ई. मानते हैं तो कुछ 1399 ई. का उल्लेख करते हैं.
February Born Personality: जन्म की तारीख के अंकों का योग मूलांक कहलाता है, जिसके आधार पर किसी भी व्यक्ति के गुण-दोष और व्यक्तित्व को समझा जाता है. ठीक इसी तरह जन्म का महीना भी इंसान की सोच, व्यवहार और पर्सनैलिटी पर गहरा प्रभाव डालता है.
Shukra Pradosh Vrat 2026: जनवरी 2026 का आखिरी प्रदोष व्रत कल यानी 30 जनवरी को है, जिसे रखने से जीवन में सुख-शांति आती है और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है.
Shukra Pradosh Vrat 2026: हफ्ते का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है. इसी क्रम में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है. इस दिन पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि बहुत खास होती है. आर्थिक लाभ और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाता है.