Jupiter-Earth And Sun Alignment 2026: नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि शनिवार को दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर जुपिटर, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे. इस समय जुपिटर की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किमी होगी.
Magh Mela 2026 Snan: इस साल मकर संक्राति के मौके पर माघ मेले के दूसरे स्नान का महासंयोग बन रहा है. जानें शुभ मूहूर्त के बारे में-
Ketu Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में केतु को एक रहस्यमयी छाया ग्रह और 'साउथ नोड' माना गया है, जो अचानक और गहरे जीवन परिवर्तनों के लिए जाना जाता है. द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 25 जनवरी 2026 को केतु का महत्वपूर्ण नक्षत्र संचरण होने जा रहा है.
Magh Mela 2026: मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच बाबा काफी प्रसिद्ध हो गए हैं. बाबा की हाइट महज 3 फुट 8 इंच है और इनकी आयु 58 साल बताई जा रही है. बाबा का नाम गंगापुरी महाराज है और वो भगवा वस्त्र पहने हुए हैं.
Makar Sankranti 2026: माना जाता है कि मकर संक्रांति से देवताओं का दिन शुरू होता है और इसी दिन से विवाह, गृह प्रवेश जैसी मांगलिक कार्यों पर लगी रोक भी हट जाती है. इस साल मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी को सुबह 8:42 बजे से शुरू होगा.
Saturday Remedies In Hindi: साल भर शनिदेव की कृपा बनी रहे और बाधाओं को दूर करने के लिए शनिवार को यह सरल उपाय जरूर करें. सबसे पहले आप स्नान कर लें, इसके बाद साफ कपड़े पहनें और शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
Purnima 2026: खगोलविदों के अनुसार, पूर्णिमा के दिन एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना घटित होगी. भारतीय समयानुसार 3 जनवरी की रात करीब 10:45 बजे पृथ्वी अपनी कक्षा में सूर्य के सबसे निकट बिंदु पर पहुंचेगी.
New Year 2026 Rashifal: ज्योतिषी के अनुसार, नए साल 2026 में राहु 'S' नाम वालों के फर्स्ट हाउस यानी पहले ही भाव में रहेंगे. बता दें कि राहु जब फर्स्ट हाउस में होते हैं, तो चंद्रमा पर सीधा प्रभाव डालते हैं, जिससे 'S' नाम से शुरू होने वाले लोगों का मन थोड़ा भ्रमित रह सकता है. ज
Hindu Calendar 2026: भारत में हर एक दिन किसी न किसी तीज-त्योहार, जयंती या दिवस से जुड़ा होता है. साल 2026 में जनवरी से लेकर दिसंबर महीने तक कब कौन से त्योहार आएंगे.
Shani-Rahu-Ketu 2026 Rashifal: साल 2026 में गुरु, शनि, मंगल और राहु-केतु की चाल पर खास ध्यान देना होगा. गुरु इस साल दो बार राशि बदलेंगे, पहले कर्क और फिर सिंह में जिससे कई राशियों की दशा प्रभावित हो सकती है. राहु-केतु का प्रभाव भी कुछ समय तक अशांति बढ़ा सकता है.