Magh Mela 2026: हिंदू पंचांग के मुताबिक, माघ मेला की शुरुआत पौष पूर्णिमा के दिन से होती है और करीब एक महीने बाद महाशिवरात्रि तक ये मेला चलता है.
Today's Horoscope: मीन राशि के जातकों के लिए आज दिन बाकी दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है. आपके रुके हुए काम बनने से आपका मन प्रसन्न रहेगा
Today's Horoscope: आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है. आप नौकरी में मनमुताबिक लाभ मिलने से काफी खुश रहेंगे.
कन्या पूजन के खाने में हमें कभी भी लहसुन-प्याज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इसे तामसिक आहार माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इससे मां दुर्गा क्रोधित होती हैं.
Vighneshwar Ganpati: विघ्नेश्वर गणपति का मंदिर महाराष्ट्र के ओजर में स्थित है. ओजर पुणे से लगभग 85 किमी दूर, कुकड़ी नदी के किनारे है, जो इस पर बने येडागांव बांध के करीब है. यह मंदिर अपनी दीपमाला (एक पत्थर का स्तंभ) और अपने स्वर्ण गुंबद के लिए प्रसिद्ध है
Girijatmaj Ganapati: प्राचीन कहानी के अनुसार, जब पांडव अपने तेरहवें वर्ष के दौरान अज्ञातवास में थे, तो उन्होंने गणपति की इस मूर्ति को खोजा था और एक रात में इन गुफाओं को तराश दिया था.
Varad Vinayak Ganpati: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खापोली शहर के महाड़ गाँव में स्थित श्री वरद विनायक मंदिर भगवान गणेश के अष्टविनायक स्वरूपों में चौथे स्वरुप माना जाता हैं. इस मंदिर में भगवान गणेश स्वयंभू रूप में विराजमान है.
Ballaleshwar Ganpati Mandir: इस मंदिर में गणपति की प्रतिमा पत्थर के सिंहासन पर स्थापित है. पूर्व की ओर मुख वाली 3 फीट ऊंची यह प्रतिमा स्वयंभू है और इसमें श्री गणेश की सूंड बांई ओर मुड़ी हुई है. प्रतिमा के नेत्रों व नाभि में हीरे जड़े हुए हैं
Siddhi Vinayak Mandir: सिद्धटेक पर्वत वही पर्वत हैं जहां भगवान विष्णु ने गणेश जी की तपस्या करके सिद्धि प्राप्त की थी. जिसके बाद इसे सिद्धिविनायक कहा गया.
Mayureshwar Ganesh Mandir: इस मंदिर के चारों कोनों में मीनारें और लंबे पत्थरों की दीवारें हैं. मंदिर के चार द्वार हैं जिन्हें चारों युग यानी सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग का प्रतीक माना जाता है