Shiv Sena Foundation Day: बाला साहेब की बनाई शिवसेना आज यानी 19 जून को अपने साल 60 पूरे कर चुकी है. आज मुंबई में शक्ति प्रदर्शन का दिन माना जा रहा है. यही वजह है कि मुंबई पुलिस भी अलर्ट मोड पर काम कर रही है.
Uddhav Thackeray Shiv Sena UBT Split: उद्धव ठाकरे की शिवसेना में 4 साल बाद एक बार फिर बड़ी टूट हो गई है. 6 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अलग गुट की मान्यता देने की अपील की है.
Shiv Sena UBT Crisis: महाराष्ट्र में इस समय ऑपरेशन टाइगर चर्चा में बना हुआ है. ऐसा कहा जा रहा है कि एक बार फिर शिवसेना यूबीटी में टूट हो सकती है. इन सब अटकलों पर उद्धव ठाकरे का भी बयान सामने आ गया है.
जब चुनाव के नतीजे आए, तो सब हैरान रह गए. शिवसेना ने 73 सीटें जीतीं और भाजपा को 65 सीटें मिलीं. दोनों दलों की सीटों को मिलाकर आंकड़ा बहुमत के पार चला गया. यह महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार था जब कांग्रेस को हटाकर कोई गैर-कांग्रेसी सरकार बनी. बालासाहेब ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद खुद नहीं संभाला, बल्कि शिवसेना के मनोहर जोशी को मुख्यमंत्री बनाया.
अब बात करते हैं इंडिया गठबंधन के भविष्य की, जिसे दिल्ली चुनाव के बाद से लेकर कई बार सवालों के घेरे में देखा गया है. कांग्रेस और AAP के बीच के संघर्ष ने इस गठबंधन की एकजुटता और सामूहिक लक्ष्य को पूरी तरह से चुनौती दी है. जब दो प्रमुख दल आपस में लड़ रहे थे, तो भाजपा को इस लड़ाई में आसानी से फायदा हुआ और उसका राजनीतिक ग्राफ बढ़ा.
मुख्यमंत्री शिंदे ने आगे कहा कि जनता ने हमें विश्वास के साथ चुना है और इस विश्वास को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, "हमारी सरकार के द्वारा किए गए विकास कार्यों को इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा."
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के परिणामों को एक हफ्ता से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री पद और मंत्रिमंडल गठन को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है. राज्य में बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के बीच जद्दोजहद जारी है. खासकर मुख्यमंत्री पद को लेकर संघर्ष तेज़ हो […]
अजित पवार ने एनसीपी में अपनी ताकत साबित की है. वह अब मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं और उनका नाम भी इस दौड़ में शामिल हो गया है. हालांकि, वह डिप्टी सीएम पद को लेकर भी सहमति दिखा रहे हैं, अगर बीजेपी अपना मुख्यमंत्री चुनती है.
Maharashtra: 2019 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बहुत कुछ बदल चुका है. 2019 में साथ मिलकर चुनाव लड़ीं भाजपा और शिवसेना को नतीजों में बहुमत मिला, लेकिन मुख्यमंत्री के मुद्दे पर दोनों दलों का गठबंधन टूट गया.
Haryana Assembly Election Result: हरियाणा चुनाव से पहले भी यह कयास लगाए जाते रहे कि राज्य में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन अंत में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा.