युद्ध के कारण ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करने पर रोक लगा रखी है, वहीं दूसरी ओर कुछ देशों के जहाजों को गुजरने की छूट दी है. जिनमें भारत भी शामिल है.
Strait of Hormuz: ईरानी विदेश मंत्री ने साफ कहा कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से बंद नहीं है. भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी गई है.
Strait of Hormuz: ईरानी सांसद ने कहा कि युद्ध की लागत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट शुल्क लेना चाहिए. ईरान एक जहाज से 20 लाख डॉलर टैक्स लेने की तैयारी में है.
Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए 48 घंटे का समय दिया और कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह और बिना किसी खतरे के नहीं खोला गया, तो अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा ढांचे को खत्म कर देगी.
LPG Crisis: हॉर्मूज की खाड़ी से जहाजों के गुजरने पर प्रतिबंध के बीच भारतीय झंडे वाले दो लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) टैंकर यहां से गुजरने वाले हैं. दरअसल, ईरान की जहाजों पर हमले की धमकी के बाद सैकड़ों जहाजों ने यहां लंगर डाला हुआ है. ये स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज से निकलने की कोशिश कर रहे हैं.
भारतीय जहाजों शिवालिक' और 'नंदा देवी' ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर लिया है. दोनों जहाज जहाज कुल 92,700 टन LPG लेकर आ रहे हैं. दोनों मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों पर पहुंचेंगे.
Strait of Hormuz: भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने की अनुमति देना किसी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि यह रास्ता अमेरिका, यूरोप और इजरायल के लिए भी बंद कर दिया गया था.
Thai Cargo Ship Attack In Strait Of Hormuz: शिप गुजरात की ओर आ रहा था. इस दौरान एक अनजान प्रोजेक्टाइल ने उसे निशाना बनाया. इस वजह से जहाज में आग लग गई. ओमान की नौसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 23 क्रू मेंबर को बचा लिया है.
Impact of Strait of Hormuz: पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस के अलावा कई ऐसी चीजें हैं, जो 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रास्ते भारत पहुंचती हैं. जिसमें फसलों के उत्पादन के लिए उर्वरक, कपड़े, पेंट, प्लास्टिक की बोतल में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, पेट्रोकेमिकल उत्पाद, सिंथेटिक टेक्सटाइल, चूना पत्थर, सीमेंट के लिए कच्चा माल और रफ डायमंड्स जैसी चीजें शामिल हैं.
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने माइंस लोड करके दो बातें साबित कीं, या तो वो सच में रास्ता बंद करने की तैयारी कर रहा था, या फिर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालना चाहता था.