महाराष्ट्र में हिंदी को लेकर जारी विवाद के बीच शनिवार को राज ठाकरे ने कहा था कि अगर किसी की पिटाई करते हैं तो उसका वीडियो ना बनाएं. राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने कहा था कि अगर मराठी के लिए लड़ना गुंडागर्दी है तो हम गुंडे हैं.
कांग्रेस नेतृत्व अपने सहयोगी उद्धव को भी नाराज नहीं करना चाहता है. 2024 लोकसभा चुनाव के बाद से इंडिया ब्लॉक पहले से ही बिखरा नजर आ रहा है.
Thackeray Brothers: 2024 के चुनावों में हार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के उभरने से उद्धव की सियासी विरासत खतरे में आ गई है. इस साल होने वाली BMC चुनाव उनके लिए आखिरी मौका हो सकता है. MNS की लगातार हार और राज ठाकरे की घटती लोकप्रियता ने उन्हें गठबंधन की ओर धकेला है.
बीजेपी को इस किट वितरण से फायदा होगा या नहीं, यह तो चुनावी नतीजे ही तय करेंगे, लेकिन एक बात तय है कि यह अभियान राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बन गया है. कुछ लोग इसे बीजेपी की सच्ची प्रतिबद्धता मान रहे हैं, जबकि दूसरे इसे केवल चुनावी प्रचार का हिस्सा मान रहे हैं.
MVA के नेताओं ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि उनके चुनावी उम्मीदवारों और विधायकों को कोई नुकसान न हो. सूत्रों के अनुसार, नतीजों से पहले ही दोनों नेताओं ने मुंबई में सभी उम्मीदवारों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था की है, ताकि जीतने वाले विधायक सुरक्षित रह सकें और महायुति के दबाव से बच सकें.
Maharashtra: वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना स्पष्ट रूप से भाजपा से जुड़ी हुई लगती है. आंबेडकर के इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या उद्धव भाजपा के साथ नया गठबंधन बनाएंगे.
Maharashtra Election: महाराष्ट्र में सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन था. शिवसेना उद्धव गुट से जिन 5 बागी नेताओं ने अपना नामांकन भरा था उन्होंने अपना नाम वापस नहीं लिया.
Maharashtra Assembly Election 2024: उद्धव ठाकरे ने कहा, "हमने कई बागियों से नाम वापस लेने की अपील की है. कई बागी वापस लेने के लिए तैयार भी हो गए हैं, समयसीमा खत्म होने के बाद हमें पता चलेगा कि किसने नाम वापस लिया है.
पिछले चुनाव में जब आदित्य ठाकरे को वर्ली सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया था, तब राज ठाकरे ने एक बड़ा दिल दिखाते हुए अमित ठाकरे को इस सीट से उम्मीदवार नहीं बनने दिया था.
प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी स्वीकार किया कि मोदी ने भारतीय जनता पार्टी को केंद्र में तीसरी बार सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हालांकि, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, फिर भी मोदी ने पार्टी को सबसे बड़ी बना दिया.