Uttarakhand Cloudburst: खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड हुआ, जिसने धराली गांव और आसपास के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया.
उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से नाला उफान पर आया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए और कई घर तबाह हो गए. आशंका है कि मलबे में कई लोग दबे हो सकते हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि SDRF, NDRF और अन्य टीमें युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं. प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
Monsoon Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 24-48 घंटों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
Uttarakhand: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में एक बड़ा हादसा हो गया है. रुद्रप्रयाग-बद्रीनाथ हाईवे पर यात्रियों को लेकर जा रही बस अलकनंदा नदी में गिर गई. इस हादसे में कई यात्री लापत हो गए हैं.
Char Dham Yatra: चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 80 से अधिक श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है. इनमें से अधिकतर मौतें ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी, हार्ट अटैक और सांस लेने में तकलीफ के कारण हुई हैं.
वनंतरा रिसॉर्ट का मालिक और एक पूर्व बीजेपी नेता के बेटे पुलकित आर्या ने दावा किया था कि अंकिता की मौत एक हादसा थी. उसने कहा कि अंकिता रात 9 बजे चीला नहर में गिर गई थी और उसने उसे बचाने की कोशिश की. लेकिन जांच में उसकी कहानी झूठी निकली.
पुलकित ने ही अंकिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने पुलकित की भूमिका को संदेहास्पद पाया.
पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं. हादसे की वजह अभी साफ नहीं है, लेकिन शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या पायलट की गलती की आशंका जताई जा रही है.
उत्तराखंड के स्थानीय लोग मानते हैं कि 2013 की भीषण बाढ़ का कारण धारी देवी की मूर्ति को उसके स्थान से हटाना था. 16 जून 2013 को जब मूर्ति को स्थानांतरित किया गया, उसी शाम को उत्तराखंड में बाढ़ आ गई थी, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे.
अब आप सोच रहे होंगे कि ये सब कैसे मुमकिन हो रहा है? हल्द्वानी जेल प्रशासन हर महीने 35 लाख रुपये पर खर्च करता है ताकि इन कैदियों को सही खानपान मिल सके. हर कैदी पर प्रतिदिन 110 रुपये खर्च किए जाते हैं.