सोलर पैनल लगवाने से पहले जान लें बीमा की ये जरूरी बातें, चोरी या आंधी से नुकसान पर मुआवजा मिलेगा या नहीं?
सांकेतिक तस्वीर
Theft And Storm Damage Cover: देशभर में बिजली का खर्च कम करने के लिए लोग तेजी से अपने घरों और दूसरी जगहों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं. सोलर सिस्टम लगवाने में अच्छी-खासी रकम खर्च होती है. ऐसे में अगर किसी वजह से पैनल खराब हो जाए, क्षतिग्रस्त हो जाए या चोरी हो जाए तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है. इस नुकसान से बचने के लिए सोलर पैनल का बीमा कराया जा सकता है.
सोलर पैनल का भी होता है बीमा
सोलर पैनल का भी बीमा होता है. अगर बीमा कराने के बाद पैनल को चोरी, प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य कवर की गई वजह से नुकसान पहुंचता है तो पॉलिसी की शर्तों के अनुसार क्लेम किया जा सकता है. हालांकि, हर बीमा पॉलिसी में सभी तरह के नुकसान शामिल हों, यह जरूरी नहीं है.
प्राकृतिक आपदा से नुकसान पर कवरेज
आंधी, तूफान, भारी बारिश या बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक घटनाओं से सोलर पैनल या सिस्टम को नुकसान होने पर कई पॉलिसियों में कवरेज मिल सकता है. इसके अलावा शॉर्ट सर्किट या आग लगने जैसी घटनाओं से हुए नुकसान को भी कुछ पॉलिसियों में शामिल किया जाता है.
पैनल चोरी होने पर भी मिल सकता है मुआवजा
अगर घर की छत पर लगा सोलर पैनल चोरी हो जाता है तो भी पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक मुआवजा मिल सकता है. चोरी के मामले में बीमा कंपनी पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर की कॉपी मांग सकती है.
इन मामलों में नहीं मिलेगा क्लेम
हालांकि, सामान्य टूट-फूट या समय के साथ होने वाली खराबी को आमतौर पर बीमा कवरेज का हिस्सा नहीं माना जाता. गलत तरीके से लगाए गए सिस्टम, उचित रखरखाव नहीं करने से हुए नुकसान या जानबूझकर किए गए नुकसान पर भी क्लेम मिलने की संभावना नहीं होती.
बीमा लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
सोलर पैनल का बीमा कराने के लिए मौजूदा होम इंश्योरेंस में ऐड-ऑन कवर लिया जा सकता है. इसके अलावा सोलर प्लांट ऑल रिस्क पॉलिसी का विकल्प भी मौजूद हो सकता है. पॉलिसी लेने से पहले यह जरूर जांच लें कि उसमें किन परिस्थितियों में नुकसान कवर किया जा रहा है और किन मामलों में क्लेम नहीं मिलेगा. बीमा लेने से पहले नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है.
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