UPI चार्ज से भड़के अशनीर ग्रोवर, सरकार के फैसले को बताया पॉलिटिकल सुसाइड

UPI Charge Political Suicide: सरकार के नए फैसले के तहत अब UPI के जरिए 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर चार्जेस लगेंगे. सरकार के इस फैसले पर BharatPe के फॉर्मर फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसे पॉलिटिकल सुसाइड बताया है.
Ashneer Grover

अशनीर ग्रोवर

UPI Charge Political Suicide: UPI ट्रांजैक्शन को लेकर सरकार के नए फैसले ने बहस तेज कर दी है. सोमवार 14 सितंबर को जारी किए गए नियमों के तहत 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कोई सुल्क नहीं लगेगा.वहीं, सरकार के नए फैसले के तहत अब UPI के जरिए 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर चार्जेस लगेंगे. सरकार के इस फैसले के बाद लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. इसी कड़ी में हाल ही में BharatPe के फॉर्मर फाउंडर अशनीर ग्रोवर भी सरकार के इस फैसले पर भड़क उठे हैं और उन्होंने इसे पॉलिटिकल सुसाइड बताया है.

अशनीर ग्रोवर ने क्या कहा?

दरअसल हाल ही में BharatPe के फॉर्मर फाउंडर अशनीर ग्रोवर टाइम्स नाओ नवभारत की एक डिबेट में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने सरकार के UPI के जरिए 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर चार्जेस के फैसले को लेकर बात की. अशनीर से पूछा गया कि सरकार की 2 हजार रुपये से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन योजना पर अपना क्या सोचना है? इसपर जवाब देते हुए उन्होंने सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की. उन्होंने इस फैसले को गलत बताया.

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उदाहरण से समझाई बात

अशनीर ग्रोवर ने अपनी बात को उदाहरण के साथ समझाया. अशनीर ने कहा,’मुझे तो ये सब देखकर बहुत मजा आता है. क्योंकि जब भी मैं सोचता हूं कि सरकार की बेवकूफियां कम हो गई हैं, तभी उनकी बेवकूफी बढ़ जाती हैं. मान लीजिए मैंने अपने दोस्त को 1000 रुपये UPI से भेजे.इसके अलावा मैंने 1 लाख अपने दोस्त को भेजे या 3 हजार किसी क्यूआर कोड पर स्कैन करके दिए, तीनों मामलों में कॉस्ट ऑफ रनिंग द सिस्टम सेम ही है. पर दोस्त को पैसा भेजने में कोई चार्जेस नहीं लगेंगे, लेकिन एक छोटे दुकानदार को 500 रुपये की पेमेंट करने पर भी अतिरिक्त पैसा लगेगा. इसका क्या ही लॉजिक है?

UPI व्यवस्था को सरकार को रखना चाहिए सरल- अशनीर

अशनीर ग्रोवर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सरकार को UPI जैसे सिस्टम जिसने दुनियाभर में भारत का डंका बजवाया है इसे मुफ्त और सरल बनाए रखना चाहिए. आगे उन्होंने कहा कि चार्जेस लगाने से छोटे कारोबारी और रेहड़ी-पटरी वाले डिजिटल पेमेंट वापस नकद लेन-देन की ओर रुख कर सकते हैं.

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