‘बॉर्डर पर दुश्मन सामने होता है, लेकिन यहां…’, राम मंदिर के नए CEO को बृजभूषण सिंह की बड़ी सलाह
राम मंदिर के नए CEO को बृजभूषण सिंह की बड़ी सलाह
Advice To Ram Mandir CEO: राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को बनाया गया है. जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में करीब 39 सालों तक अपनी सेवाएं दी है. अब राम मंदिर में अपनी सेवाएं देंगे. राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ बनने पर जितेंद्र मिश्रा को पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने बधाई देते हुए उन्हें सलाह भी दी है. जानें क्या कहा?
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने कहा कि हम जितेंद्र मिश्रा को सीईओ बनने की बधाई देते हैं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अच्छा काम किया था. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर और बॉर्डर पर काम करने और यहां पर काम करने में बहुत फर्क है. वहां पर दुश्मन सीधे दिखता है, जबकि यहां सब कुछ अप्रत्यक्ष है. यहां के हालात अलग हैं. यहां दुश्मन छिपे हुए हैं, इसलिए थोड़ी सावधानी बरतनी होगी.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निभाई थी जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल हैं. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाई थी. जितेंद्र मिश्रा सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से भी सम्मानित हो चुके हैं. जितेंद्र मिश्रा यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं.
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18 से अधिक तरीके विमान उड़ाने का अनुभव
जितेंद्र मिश्रा 6 दिसम्बर 1986 को असम के तेजपुर में फाइटर जेट पायलट बने थे. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के साथ ही कारगिल युद्ध में भी अहम भूमिका निभाई है. उन्हें 18 से अधिक तरीके के लड़ाकू, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर उड़ाने का अनुभव है. अब राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ जितेंद्र मिश्रा बन गए हैं. जितेंद्र मिश्रा के साथ ही ट्रस्ट ने तीन सदस्यों को भी शामिल किया है. जिसमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल है.