‘गीदड़ नहीं शेर पैदा किया…’, सिपाही बोला UP में पुलिसकर्मियों से ली जा रही रिश्वत, CM योगी से की न्याय की मांग 

Sunil Kumar Shukla Video: उत्तर प्रदेश में इन दिनों लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. अब सुनील ने तीन वीड‍ियो जारी किए हैं. इन वीडियो में उन्‍होंने अपने विभाग पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. 10 मई को जारी वीडियो में सिपाही ने खुद को […]
सुनील कुमार शुक्ला

सुनील कुमार शुक्ला

Sunil Kumar Shukla Video: उत्तर प्रदेश में इन दिनों लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. अब सुनील ने तीन वीड‍ियो जारी किए हैं. इन वीडियो में उन्‍होंने अपने विभाग पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. 10 मई को जारी वीडियो में सिपाही ने खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप भी लगाया है.

सुनील ने अपने वीडियो में पुलिस विभाग के अंदर कथित भ्रष्टाचार, वसूली और अधिकारियों के दबाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. मामला सामने आने के बाद यूपी पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है.

वीडियो में क्‍या-क्‍या आरोप लगाए हैं?

सुनील शुक्ला ने अपने वीड‍ियो में दावा किया कि रिजर्व पुलिस लाइन में ड्यूटी और पोस्टिंग के नाम पर पुलिसकर्मियों से हर महीने पैसे लिए जाते हैं. उनका आरोप है कि यह रकम नीचे से ऊपर तक पहुंचती है. पूरी प्रक्रिया एक तय सिस्टम के तहत चलती है. उन्होंने कहा कि कई पुलिसकर्मी मजबूरी में पैसे देने को मजबूर हैं. पैसे न देने पर कई तरह की धमकियां दी जाती हैं. यही वजह है कि कोई इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाता है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है.

मेरी मां ने गीदड़ नहीं, शेर पैदा किया

वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा उस बयान की हो रही है जिसमें सुनील शुक्ला कहते नजर आए, “मेरी मां ने गीदड़ नहीं, शेर पैदा किया है” उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उनके रायबरेली और अमेठी स्थित घरों पर देर रात पुलिस भेजी गई. शुक्ला का कहना है कि उस समय घर में उनकी बुजुर्ग मां और बहन मौजूद थीं और परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की गई. उन्‍होंने सवाल पूछते हुए कहा कि क्‍या मैं आतंकवादी हूं जो इस तरह का व्यवहार मेरे साथ किया जा रहा है.

सीएम योगी से की न्याय की मांग

सिपाही ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से  न्याय की मांग की है. वीडियो में वह खुद को भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरित बताते हुए कहते हैं कि अन्याय के खिलाफ बोलना बंद नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर सिस्टम में सुधार नहीं हुआ तो नीचे स्तर पर काम करने वाले पुलिसकर्मियों की परेशानियां बढ़ती रहेंगी.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. कई लोग सुनील शुक्ला के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे विभागीय अनुशासन से जोड़कर देख रहे हैं. 

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