‘जितने मुस्लिम आज हैं, पहले वे हिंदू थे, कायरों ने धर्म बदला…,’ राजा भैया के बयान से गरमाई सियासत
कुंडा विधायक राजा भैया
Raja Bhaiya Hindu Muslim Statement: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का बयान इन दिनों सुर्खियों में है. उनके बयान से यूपी का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है. जिसमें उन्होंने कहा कि आज जितने मुस्लिम दिखाई दे रहे हैं, वे सभी पहले हिंदू थे. इस दौरान उन्होंने यह कहा कि अगर सनातन नहीं रहेगा तो संविधान भी नहीं होगा. उनके इस बयान के बाद यूपी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा से विधायक राजा भैया का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. उनके इस बयान को लेकर जहां कुछ लोग ट्रोल करते नजर आ रहे हैं, तो वहीं कुछ उनका समर्थन करते भी दिखाई दे रहे हैं. लेकिन राजा भैया के इस बयान ने यूपी की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है.
"आज जितने मुस्लिम हैं, वे पहले हिंदू ही थे…"- विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया #RajaBhaiya #Hindu #Muslim #ViralStatement pic.twitter.com/sWEpD3vFYl
— Vistaar News (@VistaarNews) May 19, 2026
क्या बोले राजा भैया?
राजा भैया ने कहा था कि आज जितने भी मुस्लिम दिखाई दे रहे हैं, वे सभी पहले हिंदू थे. जो लोग आस्था विहीन, लोभी, निष्ठाहीन, लालची और कायर थे, उन्होंने दबाव और प्रलोभन में आकर धर्म परिवर्तन किया और हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाया. जो लोग धार्मिक, वीर और बलिदानी थे. हम सब उन्हीं की संतानें हैं. उन्होंने इस दौरान अपने बयान में कहा कि अगर सनातन नहीं रहेगा तो संविधान भी नहीं रहेगा. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है.
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने किया पलटवार
राजा भैया के इस बयान को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा, “राजा भैया ने जो बयान दिया है, वह कोई नया बयान नहीं है. भारत में बहुत से लोग इस तरह की बातें करते हैं. हम भी मानते हैं कि अरब से कुछ मुसलमान भारत आए थे. उन्होंने यहां इस्लाम की खूबियां बताईं, उसका प्रचार-प्रसार किया. सूफिया-ए-कराम ने इस्लाम की शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाया. उससे प्रभावित होकर लोगों ने इस्लाम कबूल किया, किसी को लालच नहीं दिया गया, न किसी पर दबाव डाला गया. लोगों ने अपनी मर्जी और खुशी से इस्लाम स्वीकार किया. आज भारत में करोड़ों की संख्या में जो मुसलमान हैं, वे यहीं के रहने वाले हैं और सभी भारतीय हैं.”