UP बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी छोड़ सकते हैं केंद्र का मंत्री पद? किस वजह से उठ रही हैं इस तरह की चर्चाएं
पीएम मोदी और पंकज चौधरी
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. हालांकि तमाम राजनीतिक दल अभी से ही तैयारियों में जुट गए हैं. इन सब के बीच राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों से मुक्त हो सकते हैं. इसके पीछे की वजह उनका फोकस यूपी विधानसभा चुनावों को माना जा रहा है.
दरअसल, हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों के लिए बीजेपी उम्मीदवारों की सूची में कुछ केंद्रीय मंत्रियों को जगह नहीं मिलने के बाद कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपने नेताओं की भूमिकाओं में बदलाव कर सकती है.
पंकज चौधरी दिसंबर 2025 में यूपी बीजेपी की कमान संभाल चुके हैं. उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश में मजबूत पकड़ रखने वाला नेता माना जाता है. पार्टी नेतृत्व ने उन्हें गैर-यादव पिछड़े वर्ग, खासकर कुर्मी समुदाय के बीच प्रभाव बढ़ाने की रणनीति के तहत आगे बढ़ाया था.
विधानसभा चुनाव पर पूरी नजर
बीजेपी के सामने 2027 का चुनाव आसान नहीं माना जा रहा है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस विपक्षी गठबंधन के जरिए बीजेपी को चुनौती देने की तैयारी में हैं. ऐसे में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखना, सामाजिक समीकरण साधना और सरकार व संगठन के बीच तालमेल बनाना प्रदेश अध्यक्ष की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल है.
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी अपनी नई टीम को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. पार्टी चाहती है कि पंचायत चुनावों से लेकर विधानसभा चुनाव तक संगठन पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरे हैं. ऐसे में यह तर्क भी दिया जा रहा है कि मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों जिम्मेदारियां एक साथ निभाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
पार्टी में पहले भी हो चुके इस तरह के बदलाव
बीजेपी में पहले भी चुनावी जरूरतों के हिसाब से नेताओं को सरकार और संगठन के बीच स्थानांतरित किया जाता रहा है. इसलिए यदि आने वाले दिनों में केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव होता है और पंकज चौधरी संगठन पर पूरा समय देने के लिए मंत्री पद छोड़ते हैं, तो इसे पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जाएगा. हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
सात बार सांसद रह चुके पंकज चौधरी को जमीनी राजनीति का अनुभवी चेहरा माना जाता है. बीजेपी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में पार्टी 2027 के चुनाव में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए अपनी चुनावी बढ़त बनाए रख सकेगी.
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