Uttar Pradesh Panchayat Poll: यूपी में विधानसभा चुनाव के पहले या बाद कब होंगे पंचायत चुनाव? CM योगी ने प्रधानों को बनाया प्रशासक
सीएम योगी
Panchayat Elections May Shift Later: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा होने हैं. लेकिन उससे पहले ही पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. नियमों के अनुसार, पंचायत के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है. ऐसे में कार्यकाल समाप्त होने से पहले पंचायत चुनाव कराना जरूरी होता है. लेकिन योगी सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधान को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान किया है. इसके लिए जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा. यानी अब लगभग यह साफ हो गया है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जाएंगे. आज यानी 26 मई से यूपी के ग्राम पंचायतों का 5 साल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है.
योगी सरकार ने ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने का निर्णय लिया है. यूपी में यह पहला मौका होगा, जब किसी अधिकारी को प्रशासक न बनाकर प्रधान को बनाया जाएगा. पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण को लेकर आयोग गठन की देरी के चलते नहीं हो पाया था, जिसके चलते योगी सरकार ने यह निर्णय लिया है.
प्रदेश अध्यक्ष ने CM के फैसले का स्वागत किया
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ग्राम पंचायतों के सामान्य कार्य पहले की तरह प्रशासक और पंचायत सचिव मिलकर करते रहेंगे. सीएम योगी के इस फैसले का ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया है..
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जुलाई में जिला पंचायत और पंचायत अध्यक्ष पर होगा फैसला
योगी सरकार की नजर प्रधान को प्रशासक बनाने के लिए पंचायत अध्यक्षों (ब्लॉक प्रमुख) और जिला पंचायत अध्यक्षों पर है. हालांकि, अभी इन पर निर्णय जुलाई तक टाल दिया गया है. यानी जुलाई में ही निर्णय लेने की उम्मीद है. प्रधान की तरह पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष भी प्रशासक बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल 19 जुलाई और जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई को समाप्त होने वाला है. यानी इससे पहले ही सरकार को कोई बड़ा निर्णय लेना पड़ेगा.