होर्मुज में माइंस बिछाकर भूल गया ईरान? अमेरिका का दावा- IRGC को नहीं मिल रही सटीक लोकेशन
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता जहाज(File Photo)
Iran mines at hormuz: ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच 40 दिनों तक युद्ध चला था. इस दौरान सबसे ज्यादा असर होर्मुज स्ट्रेट पर देखने को मिला. जंग के दौरान ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने के लिए बारूदी सुरंगों का इस्तेमाल किया था. अमेरिका की तरफ से दावा किया जा रहा है कि ईरान ने पूरे होर्मुज स्ट्रेट में माइंस लगा दी थी. लेकिन सीजफायर के बाद अब तक पूरी तरह से होर्मुज को खोला नहीं गया है. इसके पीछे की वजह ईरान की लगाई माइंस ही हैं.
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान को खुद यह ठीक से पता नहीं है कि उसने किन-किन इलाकों में सुरंगें बिछाई थीं. यही वजह है कि होर्मुज को पूरी तरह फिर से खोलने में देरी हो रही है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि जब तक यह माइंस पूरी तरह से नहीं हट जाएंगी. तब होर्मुज स्ट्रेट को पार करने में काफी खतरा है.
खुद की लगाई माइंस नहीं खोज पा रहा ईरान
अमेरिका जिस समय ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा था. उसी समय ईरान ने फैसला लिया था कि अब होर्मुज स्ट्रेट बंद किया जाता है. इसके साथ ही यहां से किसी भी जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा. होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित करने के लिए और जहाजों को निकलने से रोकने के लिए ईरान ने आनन-फानन पूरे इलाके में माइंस लगा दी थीं. अमेरिका के अधिकारियों ने दावा किया कि सुरंगें बेहद बिखरे और अव्यवस्थित तरीके से बनाई गई थी.
यूएस ने यह भी दावा किया कि ईरान ने उस समय इन माइंस को कहां लगाया है. इस बात कोई डाटा या लोकेशन नहीं रखी थी. यही वजह है कि अब तक ईरान खुद इन माइंस को नहीं खोज पाया है. दूसरी तरफ समुद्र लहरों के कारण ये माइंस एक जगह से दूसरी जगह भी पहुंच सकती है. इसके कारण ईरान ने अब तक होर्मुज को नहीं खोला है.
कब खुलेगा पूरी तरह से होर्मुज?
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज का सिर्फ एक संकरा रास्ता अब तक खुला रखा है, जहां से टोल देने वाले जहाजों को गुजरने की इजाजत दी जा रही है. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाजों को बारूदी सुरंगों के खतरे को लेकर चेतावनी भी दी है. अगर पाकिस्तान में होने वाली बातचीत सफल होती है तो सवाल उठ रहा है कि होर्मुज पूरी तरह से कब खुलेगा. हालांकि इसका जवाब ईरान के पास भी नहीं है.
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