मिसाइल हमले में मारे गए बच्‍चों की तस्वीरें रखकर पाकिस्तान पहुंचे ईरानी नेता, बातचीत से पहले शेयर किया फोटो

Iran US ceasefire talks: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्‍तान में होने वाली शांतिवार्ता से पहले ईरान ने एक तस्‍वीर शेयर की है. जिसके बाद दुन‍ियाभर में इसकी चर्चा होने लगी है. फ्लाइट की खाली सीटों पर मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें और उनका सामान रखा गया था.

मिनाब हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें

Iran US ceasefire talks: ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच आज पाकिस्तान में शांति वार्ता होने वाली है. बातचीत से पहले ईरान ने एक तस्‍वीर शेयर की है, जिसकी चर्चा अब पूरी दुनियाभर में हो रही है. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद ग़ालिबफ जब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जा रहे थे, फ्लाइट की खाली सीटों पर मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें और उनका सामान रखा गया था. यह वही हमला था जो 28 फरवरी 2026 को हुआ था, जिसमें कई बच्चों और लोगों की जान गई थी.

ईरान की तरफ से जो तस्‍वीर शेयर की गई उसे देखकर हर कोई भावुक हो जाएगा. ग़ालिबफ ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर करते हुए लिखा कि “इस उड़ान में मेरे साथ मिनाब के 168 लोग हैं.” इस कदम से उन्होंने दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश की कि यह मुद्दा ईरान के लिए कितना संवेदनशील है.

मिनाब शहर पर हुआ था सबसे पहले बड़ा हमला

ईरान की तरफ से जो तस्‍वीर शेयर की गई है. वह मिनाब हमले में मारे गए बच्चों की है.  ईरान अमेरिका जंग के पहले दिन यानी कि 28 फरवरी को एक प्राइमरी स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें 168 लोगों की मौत हुई थी. पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में ईरान की तरफ से ईरान संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ शामिल हो रहे हैं.

बच्‍चों की आखिरी निशानियां भी फ्लाइट में रखीं  

पाकिस्तान रवाना होने वाली से पहले उन्‍होंने अपनी फ्लाइट की तस्‍वीर शेयर की है. इसके साथ ही उन्‍होंने लिखा कि इस उड़ान में मेरे सफर के साथी. बच्चों की तस्वीरों और बैग को उन्होंने फ्लाइट में सीटों पर रखा इसके साथ ही उनके जूते भी रखे हुए हैं.  बैग और जूतों पर लगा खून साफ तौर पर देखा जा सकता है. स्पीकर बच्‍चों की तस्‍वीर को देखते हुए नजर आ रहे हैं. इससे साफ है कि ईरान में जंग के पहले दिन हुआ यह हमला कभी नहीं भूल सकता है. यही वजह है कि ईरान अपने तेवर सख्त रखे हुए है.

ईरान को नहीं अमेरिका पर भरोसा

इस्लामाबाद पहुंचने के बाद ग़ालिबफ़ ने साफ कहा कि ईरान बातचीत तो करेगा, लेकिन उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है. उनका कहना था कि पहले भी कई बार बातचीत हुई, लेकिन हर बार समझौते टूटे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका सच में ईरान के अधिकारों को मानेगा, तभी कोई समझौता हो सकता है. वरना ईरान कड़ा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा.

अमेरिका ने क्‍या कहा?

अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अगर ईरान ईमानदारी से बात करेगा तो अमेरिका भी समझौते के लिए तैयार है. लेकिन, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर धोखा देने की कोशिश हुई तो अमेरिका सख्ती से जवाब देगा.

इस बातचीत में ईरान की तरफ से ग़ालिबफ़ के साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हैं. अमेरिका की तरफ से जेडी वेंस के साथ स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर भी मौजूद हैं.

क्यों अहम है ये बातचीत

यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब करीब 6 हफ्तों से चल रहे संघर्ष ने इलाके में भारी तबाही मचाई है. हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं. सबसे ज्यादा तनाव होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर है, जो दुनिया के तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम रास्ता है. यही वजह है कि पूरी दुन‍िया की न‍िगाहें इस बातचीत पर ट‍िकी हुई हैं.

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