स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने पर ईरान की वसूली, एक जहाज के बदले ले रहा 20 लाख डॉलर! जंग से हुए नुकसान की करेगा भरपाई

Strait of Hormuz: ईरानी सांसद ने कहा कि युद्ध की लागत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट शुल्क लेना चाहिए. ईरान एक जहाज से 20 लाख डॉलर टैक्स लेने की तैयारी में है.
Strait of Hormuz

Strait of Hormuz से निकलने के लिए ईरान बसूलेगा टैक्स

Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट जंग के बीच ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए जहाजों से लाखों डॉलर वसूल रहा है. ईरानी सांसद ने दावा किया है कि ईरान ने पहले ही धमकी दे दिया था कि अगर अमेरिका की तरफ से हमले किए जाते हैं, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध में काफी लागत लगती है, ऐसे में युद्ध की लागत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट शुल्क लेना चाहिए. ट्रंप की धमकियों को लेकर ईरानी सेना ने भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका बिजली संयंत्रों को निशाना बनाता है, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ जहाजों से गुजरने के लिए ट्रांजिट शुल्क के रूप में लाखों डॉलर लिए जा रहे हैं. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य, अलादीन ब्रूजेर्दी ने बताया कि यह फैसला पहले ही लिया जा चुका है. इस दौरान उन्होंने युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की बात कही है.

रविवार को ट्रंप ने ईरान को दी थी चेतावनी

ट्रंप की धमकियों को लेकर ब्रूजेद्री ने कहा कि इजरायल का ऊर्जा ढांचा भी ईरान की पहुंच में है और अगर ईरान पर हमला हुआ तो उसे एक दिन के अंदर पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देंगे. वहीं अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्स ने रविवार को कहा कि ट्रंप पश्चिम एशिया पर चल रहे जंग की वजह से दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को बंधक नहीं बनाने देंगे. हालांकि, रविवार को ट्रंप ने भी चेतावनी देते हुए ईरान को कहा था कि 48 घंटे के अंदर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से नहीं खोला, तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को तबाह कर देंगे. जबकि एक दिन पहले ही ट्रंप ने कहा था कि युद्ध को खत्म करने का विचार कर रहे हैं.

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शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है असर

आईजी मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की धमकी के बावजूद ईरान बात नहीं मानी या फिर ट्रंप ने अपने अल्टीमेटम को वापस नहीं लिया, तो शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. इस दौरान तेल की कीमतें आसमान छूते नजर आएंगी.

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