ईरान-अमेरिका सीजफायर खत्म होने में बचे सिर्फ 24 घंटे, नहीं मानें ट्रंप तो फिर शुरू होगी जंग? क्या बोले नेतन्याहू

Middle East Tension: ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर का समय सिर्फ 24 घंटे का बचा है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर दोनों देशों की किसी बात को लेकर बात नहीं बनती, तो आगे क्या होगा?
ceasefire deadline

डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू

Middle East Tension: मिडिल ईस्ट जंग के बीच अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के लिए सीजफायर का ऐलान किया था. जिसकी टाइमलाइन अब अंतिम पड़ाव पर है. कल यानी 22 अप्रैल की शाम को अस्थायी सीजफायर खत्म हो जाएगा. अभी भी तनाव कम होते नहीं दिखाई दे रहा है. दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ तीखी बयानवाजी दे रहे हैं. यानी अब यह 24 घंटे का समय काफी तनावपूर्ण रहने वाला है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर दोनों देशों की किसी बात को लेकर बात नहीं बनती, तो आगे क्या होगा?

सीजफायर खत्म होने को अब 24 घंटे से भी कम का समय बचा है. लेकिन अभी भी दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई है. सीजफायर खत्म होने से पहले ही ईरान-अमेरिका और इजरायल के टॉप लीडर्स ने ऐसा बयान दिया कि तनावपूर्ण की स्थिति बन गई. सीजफायर खत्म होने से पहले का समय काफी अहम रहने वाला है. देखना यह होगा कि क्या दोनों देश फिर से कोई सैन्य कदम उठाते हैं या फिर डिप्लोमेसी के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर सकते हैं. फिलहाल तीनों देशों की सेनाएं अलर्ट मोड पर हैं.

कोई भी देश पीछे हटने को तैयार नहीं

वर्तमान में ऐसी स्थिति निर्मित हो गई है कि तीनों में से कोई भी देश पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है. एक ओर जहां ट्रंप अपने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को शांति वार्ता के लिए रवाना करने के लिए तैयार बैठे हैं. वहीं ईरान इस बात पर अड़ा हुआ है कि जब तक हमारी शर्तों को नहीं माना जाएगा. तब तक हम बातचीत नहीं करेंगे. ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का भी आरोप लगाया है.

ये भी पढ़ेंः अमेरिका-ईरान बातचीत पर सस्पेंस! ट्रंप की धमकी के बाद भी जिद पर अड़ा ईरान, कच्चे तेल की कीमतों में उबाल

शांति वार्ता से पहले ट्रंप ने दी धमकी

फिलहाल, अब यह विवाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर आकर रुक गया है. ईरान होर्मुज को खोलने के लिए तैयार नहीं है. ईरान का कहना है कि पहले अमेरिकी होर्मुज इलाके से अपनी सेना हटाए, उसके बाद ही बातचीत होगी. लेकिन ट्रंप भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर निर्णायक परिणाम निकलते हैं,, तो ठीक है नहीं तो फिर बहुत सारे बम फटने लगेंगे. फिलहाल, दोनों देशों के बयानवाजी की वजह से तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है.

ज़रूर पढ़ें